विधानसभा में सपा विधायक रागिनी सोनकर ने मंत्री नंद गोपाल गुप्ता पर साधे तीखे सवाल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को एक बार फिर तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने निवेश, डिफेंस कॉरिडोर और बीजेपी के खाते में आई भारी बढ़ोतरी को लेकर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ से तीन कड़े सवाल पूछे। मंत्री जब जवाब देने खड़े हुए तो उन्होंने सवालों के बजाय सपा पर पलटवार शुरू कर दिया और आखिरकार विधायक की सोशल मीडिया रील्स तक पहुंच गए। स्पीकर ने बीच में टोका, लेकिन मामला तब तक बढ़ चुका था कि वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को हस्तक्षेप करना पड़ा।

रागिनी सोनकर के तीन सवाल

“सरकार ने दावा किया कि हजारों-लाखों करोड़ रुपये के MoU साइन हुए हैं। लेकिन जमीन पर सिर्फ 9 प्रतिशत ही काम क्यों हुआ है? बाकी 91 प्रतिशत कहां गया?”

“डिफेंस कॉरिडोर की बहुत बातें की गईं। लेकिन चित्रकूट, झांसी, अलीगढ़, आगरा जैसे जिलों में अभी तक जीरो काम हुआ है। आखिर इन जिलों को कब तक इंतजार करना पड़ेगा?”

“2014 में बीजेपी के खाते में 800 करोड़ रुपये थे। अब 16 हजार करोड़ रुपये कैसे हो गए? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की इकोनॉमी टूट रही है और आम आदमी परेशान है।”

मंत्री का जवाब बन गया पलटवार

सवाल सुनने के बाद मंत्री नंद गोपाल गुप्ता जवाब देने खड़े हुए। उन्होंने सबसे पहले रागिनी सोनकर के सवालों को पढ़ना शुरू किया, लेकिन जल्द ही चर्चा को सपा पर केंद्रित कर दिया। मंत्री ने कहा कि सपा के समय में क्या हाल था, यह सब जानते हैं। फिर उन्होंने विधायक की सोशल मीडिया एक्टिविटी का जिक्र करते हुए कहा कि “आपकी इंस्टाग्राम और फेसबुक रील्स में जो कुछ चल रहा है, वह भी हम देख रहे हैं।”

Also read:भारत में 3.25 लाख करोड़ का डिफेंस डील!114 राफेल की हुई एंट्री!

स्पीकर ने लगाई टोक

जैसे ही मंत्री रागिनी सोनकर की सोशल मीडिया रील्स और पोस्ट्स पर टिप्पणी करने लगे, स्पीकर सतीश महाना ने बीच में टोकते हुए कहा कि सदन में सवाल-जवाब का नियम है, व्यक्तिगत टिप्पणी या सोशल मीडिया पर चर्चा नहीं होनी चाहिए। स्पीकर ने मंत्री को सवालों पर केंद्रित रहने को कहा।

वित्त मंत्री का हस्तक्षेप

मामला बढ़ता देख वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को सदन में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने सदन को शांत करने की कोशिश की और कहा कि सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियां की जानी चाहिए। खन्ना ने आगे कहा कि सरकार ने निवेश और विकास के रिकॉर्ड काम किए हैं और आंकड़े खुद बोलते हैं।

सदन का माहौल

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में हंगामा बढ़ता रहा। सपा विधायकों ने नारेबाजी की, तो सत्ता पक्ष ने इसका जवाब दिया। स्पीकर को कई बार सदन को नियंत्रित करने के लिए बीच में बोलना पड़ा। आखिरकार चर्चा अधर में छूट गई और कार्यवाही आगे बढ़ी।

INPUT-ANANYA MISHRA

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)