सनी देओल इन दिनों ‘बॉर्डर 2’ की जबरदस्त सफलता का जश्न मना रहे हैं। 1997 की क्लासिक फिल्म ‘बॉर्डर’ का यह सीक्वल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रहा है। वहीं जल्द ही सनी ‘लाहौर 1947’ में नजर आने वाले हैं। ऐसे में एक हालिया इंटरव्यू में सनी ने अपने करियर के उस लंबे और मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की, जब उन्हें लगातार निराशा हाथ लगी और काम नहीं मिल रहा था। सनी ने कहा कि शायद उस समय कोई स्क्रिप्ट या प्रोजेक्ट उनके लायक नहीं था।
करियर के बुरे दौर की यादें
सनी देओल ने इंटरव्यू में बताया कि ‘गदर: एक प्रेम कथा’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के बाद भी उनके पास लंबे समय तक अच्छी स्क्रिप्ट नहीं आई। उन्होंने कहा:
“मैं बहुत सालों से इंडस्ट्री में हूं और ऐसी चीजें मैंने देखी हैं। एक दौर ऐसा आया जब मुझे लगने लगा कि शायद मेरे लायक उस समय कोई चीज नहीं थी। स्क्रिप्ट्स नहीं मिल रही थीं या जो मिल रही थीं, वो मेरे लिए सही नहीं लग रही थीं।”
सनी ने आगे कहा कि यह दौर काफी लंबा चला। कई सालों तक निराशा हाथ लगी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने मेहनत जारी रखी और खुद को तैयार रखा। सनी का मानना है कि सही समय पर सही स्क्रिप्ट मिली तो सब बदल जाता है।
‘बॉर्डर 2’ और ‘लाहौर 1947’ की बात
‘बॉर्डर 2’ की सफलता पर सनी ने कहा कि यह फिल्म उनके लिए बहुत खास है। 1997 की ‘बॉर्डर’ ने उन्हें नेशनल आइकन बनाया था और अब इसका सीक्वल भी लोगों का दिल जीत रहा है। सनी ने बताया कि वे जल्द ही राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘लाहौर 1947’ में नजर आएंगे, जो विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी एक भावनात्मक कहानी है।
सनी ने कहा कि इन फिल्मों ने उन्हें फिर से बड़े पर्दे पर मजबूत वापसी करने का मौका दिया। उन्होंने यह भी माना कि दर्शक अब उन्हें बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं और इंडस्ट्री ने भी यह बात समझ ली है।
दर्शकों और इंडस्ट्री का रिस्पॉन्स
‘बॉर्डर 2’ की सफलता के बाद सनी देओल को मिल रही तारीफों से साफ है कि दर्शक उनके एक्शन और पैट्रियॉटिक किरदारों को बहुत पसंद करते हैं। सनी ने कहा कि यह दौर उनके लिए नया उत्साह लेकर आया है। वे आगे भी ऐसी फिल्में करना चाहते हैं जो देशभक्ति और इमोशन से भरी हों।
सनी देओल का संदेश
अपने करियर के मुश्किल दौर को याद करते हुए सनी ने कहा कि हार नहीं माननी चाहिए। मेहनत और धैर्य से सही समय जरूर आता है। उन्होंने युवा एक्टर्स को भी यही सलाह दी कि अगर स्क्रिप्ट सही नहीं लगे तो इंतजार करें, लेकिन मेहनत कभी कम न करें।
INPUT-ANANYA MISHRA
















































