राजधानी लखनऊ (Lucknow) में पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों की जांच में ATS ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि इस नेटवर्क का संबंध दुबई में रह रहे मेरठ निवासी आकिब खान से है। यह वही आकिब है जिसे पिछले साल एक मामले में बिजनौर पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी, जिससे अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष नांगलसोती सत्येंद्र सिंह मलिक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि नजीबाबाद के सीओ नितेश प्रताप सिंह को पद से हटा दिया गया है। साथ ही, विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
पुराने केस में पुलिस की बड़ी चूक सामने आई
दरअसल, नवंबर 2025 में एक वायरल वीडियो के आधार पर आकिब खान, मैजुल और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। वीडियो में आकिब कथित तौर पर एके-47 और हैंड ग्रेनेड दिखाता नजर आया था। हालांकि, जांच के दौरान उसने इन हथियारों को खिलौना और परफ्यूम की बोतल बताया, जिस पर पुलिस ने भरोसा कर लिया और केस में फाइनल रिपोर्ट लगाकर उसे क्लीन चिट दे दी।
वीडियो कॉल और सोशल मीडिया से जुड़ा नेटवर्क
जांच में सामने आया कि बिजनौर के सौफतपुर गांव निवासी मैजुल, जो साउथ अफ्रीका में काम करता है, आकिब के संपर्क में था। दोनों इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जुड़े हुए थे। वायरल वीडियो के बाद भी इस नेटवर्क की गहराई को पुलिस समझ नहीं पाई, जिससे यह मामला दब गया।
एटीएस कार्रवाई से खुली साजिश की परतें
हाल ही में एटीएस ने मेरठ, गौतमबुद्धनगर और अन्य क्षेत्रों से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट की योजना बना रहे थे। मुख्य आरोपी साकिब का सीधा संपर्क आकिब से था, जिसने उसे पाकिस्तानी हैंडलर्स से जोड़ने में भूमिका निभाई थी।
कई शहरों को दहलाने की थी तैयारी
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि लखनऊ के बाद अलीगढ़, गाजियाबाद समेत कई शहरों में धमाकों की योजना थी। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
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