उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सिंगापुर (Singapore) दौरे पर हैं। वहां अपने संबोधन में उन्होंने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत पर जोर दिया और कहा कि हमारे ऋषियों ने सदियों पहले ही यह सिखाया था कि भारत में जन्म लेना दुर्लभ है और मनुष्य के रूप में जन्म उससे भी अधिक दुर्लभ है। उन्होंने सभी भारतीयों को गर्व महसूस करने की सलाह दी और मातृभूमि के प्रति कृतज्ञ भाव बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
यूपी में डिफेंस और ब्रह्मोस मिसाइल का महत्व
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का जिक्र किया और कहा कि छह नोड्स पर काम चल रहा है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) का हवाला देते हुए बताया कि उस दौरान दागी गई ब्रह्मोस मिसाइल ‘BrahMos Missile’ लखनऊ (Lucknow) से ही संबंधित थी और अब वही यहां निर्मित हो रही है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस का निशाना कितना सटीक था, यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
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डिजिटल इंडिया और नए भारत की उपलब्धियां
योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत की प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने दिल्ली में हुए ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि विकसित देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की नई पहल और डिजिटल इंडिया के विजन की सराहना की।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ और सामूहिक विकास
सीएम ने सनातन धर्म की शिक्षाओं का हवाला देते हुए बताया कि भारत सदियों से ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ दुनिया को एक परिवार मानता आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र भी इसी साझा विकास और सामूहिकता की भावना को बढ़ावा देता है।
उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश में न तो दंगे हैं और न ही कर्फ्यू, और पर्यटन में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। महाकुंभ के सफल आयोजन के बाद पिछले वर्ष प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए। सीएम ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मातृभूमि और निवास स्थान के प्रति ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्य निभाने चाहिए।













































