रायबरेली के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के सिंघापुर भटौली गांव में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच एक दर्दनाक हकीकत सामने आ रही है। गांव के शोभ नाले पर बना पुल महीनों से टूटा पड़ा है। इस पुल के बिना गांव के सैकड़ों लोग, खासकर स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे, रोजाना जान जोखिम में डालकर नाले में उतरकर पार होते हैं। ठंडे पानी में घुटनों तक डूबकर बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर स्कूल पहुंचते हैं, जबकि उनके परिजन उन्हें खड़े होकर पार कराते हैं। तेज बहाव में फिसलने का खतरा हमेशा बना रहता है।
बरसात में स्कूल बंद, महिलाओं को भी दिक्कत
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में जल स्तर बढ़ जाने पर बच्चे स्कूल जाना ही बंद कर देते हैं। पढ़ाई में लगातार व्यवधान पड़ता है और बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। गांव की महिलाओं को भी आने-जाने में भारी दिक्कत होती है। बाजार जाना, रिश्तेदारी में जाना या कोई जरूरी काम – हर बार जान जोखिम में डालनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत की गई, लेकिन प्रशासन ने सिर्फ आश्वासन दिए। जिलाधिकारी और एसडीएम के यहां लिखित शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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प्रशासन से सीधे सवाल
क्या बच्चों की जान की कीमत सिर्फ कागजी फाइलों और आश्वासनों तक सीमित है?
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, ताकि उसके बाद पुल बनवाया जाए?
क्या अस्थायी रूप से कोई वैकल्पिक व्यवस्था (जैसे छोटा पुल, बैरिकेडिंग या नाव की व्यवस्था) की जा सकती है, ताकि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो?
जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा
स्थानीय विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधियों से सवाल है – चुनाव में विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर ये हालात क्यों?
क्या आप गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे?
क्या बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे?
सिस्टम की लापरवाही की तस्वीर
यह सिर्फ एक टूटा हुआ पुल नहीं है, बल्कि सिस्टम की लापरवाही, नौकरशाही की सुस्ती और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता की जीती-जागती तस्वीर है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। गांव के लोग अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या को गंभीरता से लेंगे और बच्चों की पढ़ाई व सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
INPUT-ANANYA MISHRA










































