UP: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को दलितों के अपमान का प्रतीक बताते हुए कहा कि जिसने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान नहीं किया, वही आज कांशीराम जी के नाम पर राजनीति कर रही है। मायावती ने यह भी कहा कि कांग्रेस के कारण ही कांशीराम जी को बसपा की स्थापना करनी पड़ी। उन्होंने अपने समर्थकों को चेतावनी दी कि वे कांग्रेस के इन ‘हथकंडों’ से सतर्क रहें।
1. जैसा कि सर्वविदित है कि कांग्रेस पार्टी ने काफी वर्षो तक केन्द्र की सत्ता में रहकर दलितों के मसीहा व भारतीय संविधान के मूल निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का कभी भी आदर-सम्मान नहीं किया और ना ही उनको ’भारतरत्न’ की उपाधि से भी सम्मानित किया। भला फिर यह पार्टी…
— Mayawati (@Mayawati) March 14, 2026
कांग्रेस और सपा पर उपेक्षा का आरोप
मायावती ने ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि कांग्रेस ने दशकों तक केंद्र में सत्ता संभाली, लेकिन कभी बाबा साहेब अंबेडकर को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी बाबा साहेब का सम्मान नहीं कर सकी, वह आज मान्यवर श्री कांशीराम जी को कैसे सम्मान देने का दावा कर सकती है। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) को भी निशाने पर लिया और कहा कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने कांशीराम जी के निधन पर राजकीय शोक घोषित करने की जहमत नहीं उठाई।
दलित संगठनों और अन्य पार्टियों को चेतावनी
बसपा सुप्रीमो ने न केवल कांग्रेस पर, बल्कि उन छोटे दलित संगठनों और पार्टियों पर भी कटाक्ष किया जो कांशीराम जी के नाम का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश में हैं। मायावती ने कहा कि ये संगठन बसपा को कमजोर करने के लिए मान्यवर के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे राजनीतिक खेलों और हथकंडों से सतर्क रहें, क्योंकि इनका मुख्य उद्देश्य बसपा के आधार को कमजोर करना है।
15 मार्च को देशव्यापी कार्यक्रमों की अपील
मायावती ने अपने संदेश के अंत में सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि 15 मार्च 2026 को मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती पर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में आयोजित पार्टी के कार्यक्रमों को भव्य और सफल बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बसपा ही एकमात्र पार्टी है जो कांशीराम जी के सिद्धांतों पर अडिग है और दलितों, पिछड़ों तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)

















































