UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 2026-27 औपचारिक रूप से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए राज्यपाल सरकार की बीते एक वर्ष की उपलब्धियों, नीतिगत फैसलों और आने वाले समय की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगी। यह अभिभाषण सरकार की दिशा और एजेंडे का आधिकारिक खाका माना जाता है।
सरकार की उपलब्धियां और नीतियां होंगी केंद्र में
राज्यपाल के संबोधन में कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किया जाएगा। इसके साथ ही विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और भविष्य की रणनीतियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा, जिससे सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट होंगी।
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट होगी पेश
सत्र के पहले या दूसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत करेंगे। इस रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक स्थिति, जीएसडीपी वृद्धि दर, राजस्व संग्रह, व्यय, निवेश, रोजगार सृजन और विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण शामिल होगा। आर्थिक सर्वेक्षण को बजट की आधारशिला माना जाता है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के संकेत
बजट सत्र के दौरान कई अहम विधेयक और प्रस्ताव पेश किए जाने की संभावना है। विपक्षी दल महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। वहीं सत्तारूढ़ भाजपा का कहना है कि योगी आदित्यनाथ सरकार के विकास कार्यों को आगामी बजट में और गति मिलेगी।
चुनावी साल से पहले बजट पर टिकी निगाहें
यह बजट सत्र 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक एक वर्ष पहले हो रहा है, ऐसे में बड़े ऐलान और लोकलुभावन योजनाओं की उम्मीद जताई जा रही है। विधायकों और जनता की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कितना बड़ा बजट पेश करती है और विकास के साथ जनकल्याण को कितना महत्व देती है।




















































