डॉक्टर ने किया ब्रेन डेड घोषित लेकिन सड़क के गड्ढे ने बचा ली जान…. यूपी का ये मामला हैरान कर देगा

UP: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत (Pilibhit) जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ब्रेन डेड घोषित की गई एक महिला की हालत अचानक सुधर गई। परिजन जब उन्हें अंतिम संस्कार के लिए घर ला रहे थे, तभी रास्ते में एंबुलेंस को लगे एक तेज झटके के बाद उनके शरीर में हलचल दिखी। इस घटना के बाद परिवार में जहां मातम का माहौल था, वहीं अचानक उम्मीद की किरण जग उठी।

हालत बिगड़ने पर बरेली के अस्पताल में कराया गया था भर्ती

पीलीभीत जिला अदालत में कार्यरत विनीता शुक्ला (Vineeta Shukla) की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ समय तक उपचार चलने के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत बेहद गंभीर बताते हुए उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

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अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच दिखी उम्मीद

डॉक्टरों की सलाह के बाद परिजन उन्हें एंबुलेंस से घर ले जा रहे थे। परिवार के लोग पहले ही गहरे सदमे में थे और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। इसी दौरान हाफिजगंज के पास सड़क पर गहरे गड्ढे से गुजरते समय एंबुलेंस को जोरदार झटका लगा। बताया जा रहा है कि उसी झटके के बाद महिला के शरीर में हलचल दिखाई दी, जिससे परिजन चौंक गए और तुरंत उन्हें फिर से अस्पताल ले गए।

डॉक्टरों ने जताई सांप के काटने की आशंका

परिजन विनीता को तुरंत पीलीभीत के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका दोबारा परीक्षण किया गया। इलाज कर रहे न्यूरोसर्जन डॉ. राकेश सिंह के अनुसार, जांच के दौरान मरीज में सांप के काटने जैसे लक्षण दिखाई दिए। इसी आधार पर उन्हें एंटी-वेनम इंजेक्शन और अन्य जरूरी दवाएं दी गईं।

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24 घंटे में दिखा असर, 13 दिन बाद हुई पूरी तरह स्वस्थ

डॉक्टरों के अनुसार उपचार शुरू होने के करीब 24 घंटे के भीतर उनकी हालत में सुधार के संकेत मिलने लगे। लखनऊ के विशेषज्ञ डॉक्टरों से भी सलाह ली गई। करीब 13 दिनों तक चले इलाज के बाद विनीता पूरी तरह स्वस्थ हो गईं।

लोग बता रहे चमत्कार

चिकित्सकों का कहना है कि कुछ मामलों में न्यूरोलॉजिकल समस्या या सांप के जहर के कारण मरीज की स्थिति ब्रेन डेड जैसी प्रतीत हो सकती है। संभव है कि एंबुलेंस का वह झटका शरीर को एक तरह की उत्तेजना दे गया हो, जिससे उनकी चेतना वापस आ गई। फिलहाल विनीता के स्वस्थ होने से परिवार और न्यायालय परिसर में खुशी का माहौल है। जिस घर में कुछ समय पहले शोक की तैयारी थी, वहां अब लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे।

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