‘गंगा अब माई नहीं, कमाई हो गई…’, वाराणसी में इफ्तार पार्टी पर बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

UP: वाराणसी (Varanasi) में गंगा घाट (Ganga Ghat) पर आयोजित इफ्तार पार्टी (Iftar Party) पर विवाद तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कुछ मुस्लिम युवकों को गंगा नदी में नाव पर इफ्तार करते देखा गया। इस दौरान चिकन बिरयानी परोसने और हड्डियों को गंगा में फेंकने का आरोप लगा। पुलिस ने इस घटना के मद्देनजर कार्रवाई करते हुए मंगलवार को 14 युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

शंकराचार्य ने सरकार पर उठाए सवाल

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) ने इस मामले पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब गंगा को कमाई का साधन बना दिया गया है, तो ऐसे ही घटनाएँ होने लगी हैं। शंकराचार्य ने कहा कि गंगा में क्रूज चलाकर और उसमें होटल जैसी व्यवस्था करके कमाई का वातावरण बनाना गलत है।

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गंगा को कमाई का साधन बनाने पर कड़ी आलोचना

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि पहले नाविक केवल यात्रियों को ले जाते थे और कोई खास व्यवस्था नहीं होती थी। लेकिन अब कमाई के लिए नाव में विशेष सुविधाएँ दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे लोगों का अनैतिक व्यवहार बढ़ा है और गंगा की पवित्रता को नुकसान पहुंच रहा है।

गंगा में होटल और क्रूज संचालन पर सवाल

शंकराचार्य ने यह भी सवाल उठाया कि क्या गंगा में होटल के कमरे बनाकर नाव चलाना उचित है। उन्होंने कहा कि इस तरह लोगों को गंगा में रहकर अनैतिक कार्य करने की छूट मिल रही है। उनका कहना था कि गंगा माई को कमाई का साधन बनाने का यह परिणाम है कि इस तरह की घटनाएँ सामने आती हैं।

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धार्मिक और राजनीतिक दृष्टिकोण

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गंगा, गाय और ब्राह्मण विरोधी नीतियों के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं की अनदेखी की जा रही है। उनका संदेश स्पष्ट था कि गंगा को पवित्रता के दृष्टिकोण से देखा जाए, न कि कमाई के साधन के रूप में।

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