बेतिया (पश्चिम चंपारण, बिहार) : में जेन-जी डाकघर खोलने की पहल शुरू हो गई है। यह युवाओं को बचत की आदत डालने, डिजिटल सेवाओं से जोड़ने और पारंपरिक डाकघर को आधुनिक बनाने की भारत पोस्ट की बड़ी मुहिम का हिस्सा है।
पहल की पृष्ठभूमि
दिल्ली (IIT दिल्ली), केरल (कोट्टायम और तिरुवनंतपुरम), आंध्र प्रदेश, गुजरात आदि जगहों पर सफल जेन-जी डाकघरों के बाद बिहार में भी यह मॉडल फैल रहा है। बिहार में पहले IIT पटना और भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में जेन-जी डाकघर खोले जा चुके हैं, जो काफी लोकप्रिय हुए। अब बेतिया में जिला मुख्यालय स्तर पर यह सुविधा लाने की कोशिश हो रही है।
डाक अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) परिसर में खोला जाना प्रस्तावित है, क्योंकि यहां छात्र और युवा आसानी से पहुंच सकेंगे। अभी जगह की उपलब्धता नहीं होने के कारण देरी हो रही है। उन्होंने स्थानीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल को पत्र लिखा है और अप्रैल में खुद उनसे तथा GMCH प्रिंसिपल से मिलकर मामले को आगे बढ़ाने का प्लान है।
जेन-जी डाकघर कैसा होगा?
पारंपरिक डाकघरों से पूरी तरह अलग, यह युवाओं के लिए कैफे जैसा मॉडर्न स्पेस होगा:
– आधुनिक इंटीरियर — अच्छी लाइटिंग, कलरफुल वॉल्स, डिजिटल स्क्रीन
– स्मार्ट सर्विस काउंटर और सेल्फ सर्विस कियोस्क
– वाई-फाई और मिनी लाइब्रेरी की सुविधा
– आरामदायक प्रतीक्षालय और टोकन सिस्टम
– इंस्टाग्रामेबल (फोटो खिंचवाने लायक) वातावरण
उपलब्ध सेवाएं
– बचत खाता, राष्ट्रीय बचत योजनाएं, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक
– आधार संबंधित सेवाएं (अपडेट, लिंकिंग आदि)
– पासपोर्ट सेवा, मनी ट्रांसफर
– ई-कॉमर्स पार्सल बुकिंग, क्यूआर कोड से तेज ट्रैकिंग
– बीमा और अन्य बैंकिंग सेवाएं
– तेज और डिजिटल काउंटर सिस्टम
मुख्य उद्देश्य :
मेडिकल कॉलेज और आसपास के युवा छात्र अपनी पॉकेट मनी से छोटी-छोटी रकम बचाकर डाकघर में जमा करें, बचत की आदत डालें और साथ ही आधुनिक डाक सेवाओं का लाभ लें। यह कदम बिहार में युवाओं को डिजिटल और वित्तीय समावेशन की दिशा में सकारात्मक है। अगर GMCH परिसर में जगह मिल गई तो अप्रैल-मई तक काम तेजी से आगे बढ़ सकता है।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)












































