महोबा (Mahoba) जिले के जैतपुर ब्लॉक के नागराडांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत बने पेयजल टंकी हादसे का शिकार हो गई। लगभग 65 लाख रुपये की लागत से बनी यह टंकी पानी भरते ही फट गई, जिससे हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया। यह घटना योजना की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
निर्माण में कमियों पर ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी की दीवारों में पानी भरते ही दरारें पड़ गईं और पानी रिसने लगा। ग्राम प्रधान गायत्री ने आरोप लगाया कि निर्माण में मनमानी हुई और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और कहा कि योजना के लिए करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन काम की गुणवत्ता बेहद खराब है।
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विधायक ने उठाई कार्रवाई की मांग
भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि जल जीवन मिशन की बदहाली को लेकर वे लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और हर घर तक नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था सही तरीके से हो। विधायक ने फटी टंकी का वीडियो भी देखा और इसे गंभीर मामला बताया।
अधिकारियों ने की समस्या सुधारने की घोषणा
एडीएम नमामि गंगे मोइनुल इस्लाम ने कहा कि मौके पर टीम भेजी गई है और टंकी की खामी को ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण गुणवत्ता की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि समस्या जल्द हल कर दी जाएगी, लेकिन ग्रामीणों में असंतोष बना हुआ है।
योजना की व्यापक समस्याएं
जिले में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 900 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। योजना 2024 तक पूरी होनी थी, लेकिन अब इसे 2026 तक बढ़ा दिया गया है। कई गांवों में पाइपलाइन डाल दी गई, लेकिन पानी अभी भी नहीं पहुंच रहा। जहां पानी पहुंच रहा है, वहां भी टंकी और पाइपलाइन की हालत खराब है। इसके अलावा खोदी गई सड़कों की मरम्मत भी नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में निराशा बढ़ रही है।










































