सपा विधायक बोले “मुझे खाद लेने दूसरे जिले जाना पड़ा” कृषि मंत्री का पलटवार, “सपा ने किसानों को भगवान भरोसे छोड़ा था”

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में किसानों की खाद की समस्या फिर से गरमाई। बहराइच के कैसरगंज से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक आनंद यादव ने सदन में दावा किया कि खुद उन्हें खाद खरीदने के लिए दूसरे जिले जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि आम किसान की हालत तो और भी खराब है, जहां खाद की जगह लाठियां मिल रही हैं। जवाब में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने तीखा पलटवार किया और पूर्व सपा सरकार पर किसानों को “भगवान भरोसे” छोड़ने का आरोप लगाया। यह बहस बजट सत्र के दौरान किसान मुद्दों पर सियासी घमासान को दर्शाती है, जहां विपक्ष खाद की किल्लत का हल्ला बोल रहा है और सरकार उपलब्धता का दावा कर रही है।

सपा विधायक आनंद यादव का दावा

बहराइच के सपा विधायक आनंद यादव ने सदन में खाद की कमी का जिक्र करते हुए व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, “मैं विधायक हूं लेकिन मुझे खाद के लिए दूसरे जिले तक जाना पड़ा। आम आदमी की स्थिति आप खुद समझ सकते हैं। लोगों को खाद की जगह लाठियां मिली हैं।” यह बयान बहराइच और आसपास के जिलों में खाद की किल्लत, लंबी कतारों और कथित कालाबाजारी की शिकायतों को उजागर करता है। विपक्ष का कहना है कि योगी सरकार में किसान बर्बाद हो रहे हैं, और सहकारी समितियों पर ताले लटक रहे हैं, जिससे किसानों को महंगे दाम पर निजी दुकानों से खाद खरीदनी पड़ रही है। यह मुद्दा पिछले कुछ महीनों से सपा द्वारा उठाया जा रहा है, खासकर बहराइच जैसे क्षेत्रों में जहां विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं।

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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का जवाब: सपा काल में किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया*
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधायक के दावे का कड़ा जवाब देते हुए कहा, “जब सपा की सरकार थी, तब किसानों को बीज नहीं मिलता था, खाद नहीं मिलती थी। उन लोगों के मन में इच्छाशक्ति ही नहीं थी कि वह किसानों के लिए कुछ काम करें। किसानों को भगवान भरोसे छोड़ दिया था। उन्होंने मजबूर कर दिया था कि किसान आत्महत्या करे।” मंत्री ने आगे कहा कि आज की स्थिति अलग है और सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने शिवपाल यादव का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे बोल रहे थे तो शिवपाल यादव सदन से बाहर चले गए। मंत्री का यह पलटवार सपा पर पूर्व में किसान विरोधी नीतियों का आरोप लगाता है, जबकि वर्तमान में खाद की उपलब्धता पर जोर देता है। सरकार ने कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि यूरिया और अन्य उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक है, और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

खाद किल्लत पर सियासी घमासान का संदर्भ

यह बहस उत्तर प्रदेश में खाद की उपलब्धता को लेकर चल रहे विवाद का हिस्सा है। पिछले सालों (2025 में) बहराइच, गोंडा और अन्य जिलों में खाद की कमी की खबरें आईं, जहां किसानों को लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ा और कालाबाजारी के आरोप लगे। सपा ने विधानसभा के बाहर भी प्रदर्शन किए, जैसे बोरी पहनकर हल्ला बोलना। वहीं, कृषि मंत्री ने आंकड़े पेश कर कहा कि पिछले साल की तुलना में ज्यादा खाद बिकी है और 18 मंडलों में पर्याप्त स्टॉक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यह मुद्दा बजट सत्र में किसानों की समस्याओं को राजनीतिक रंग दे रहा है, जहां सपा सरकार की विफलता बता रही है और भाजपा पूर्व सरकार पर हमला बोल रही है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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