उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के 9वें दिन (लगभग 19 फरवरी 2026) सदन में गंभीर चर्चा के साथ-साथ हल्की नोकझोंक और हास्यपूर्ण पल देखने को मिले। स्पीकर सतीश महाना ने पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप और अन्य विधायकों को समय सीमा का पालन करने की सख्त हिदायत दी, जबकि खास तौर पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के साथ तीखी-मीठी बहस हुई। मंत्री ने स्पीकर के क्षेत्र में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए फोन पर पूछताछ का हवाला दिया, जिस पर स्पीकर भड़क उठे और याद दिलाया कि उनका काम विकास कार्य करवाना ही है।
स्पीकर और मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बीच तीखी नोकझोंक
सदन में जब मंत्री दिनेश प्रताप सिंह स्पीकर सतीश महाना के क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सूची गिना रहे थे, तो उन्होंने यह जिक्र किया कि उन्होंने फोन करके पूछा था कि आपके क्षेत्र में काम करवाया गया है या नहीं। इस पर स्पीकर महाना काफी नाराज हो गए और तुरंत पलटवार करते हुए कहा, “अगर आपको काम करवाना ही नहीं है तो आप वहां क्यों हैं? काम करवाने के लिए ही तो बैठे हैं।” यह टिप्पणी सदन में हंसी का कारण बनी, लेकिन साथ ही स्पीकर की ओर से मंत्री को विकास कार्यों की जिम्मेदारी याद दिलाने का मजबूत संदेश भी था। यह घटना सदन की जीवंतता को दर्शाती है, जहां सत्ता पक्ष के भीतर भी ऐसे हल्के तंज चलते रहते हैं।
अन्य विधायकों और मंत्रियों पर स्पीकर की सख्ती
पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप तय समय से ज्यादा बोलते रहे, तो स्पीकर ने उन्हें टोका और चेतावनी दी, “अच्छा नहीं लगेगा कि आपका माइक बंद करना पड़े।” इसी तरह, सपा विधायक आरके वर्मा ने चार मिनट तक बोलने के बाद भी कोई स्पष्ट सवाल नहीं पूछा, तो स्पीकर ने उनके बगल में बैठे कमाल अख्तर से मजाकिया अंदाज में पूछा, “आपको पता चला क्या सवाल पूछा गया है?” फिर मंत्री से हंसते हुए कहा, “आप भी इसी तरह दो मिनट में जवाब दे दीजिए।” इन पलों ने सदन का माहौल हल्का कर दिया।
हंगामा और स्पीकर का अनुशासनात्मक रुख
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सपा विधायक राजेंद्र चौधरी के सवाल का जवाब दे रहे थे, तभी कुछ विधायक हंगामा करने लगे। स्पीकर महाना ने सख्ती दिखाते हुए नाम लेकर कहा, “आज किसी को नहीं रोकूंगा। सब एक साथ खड़े होकर बोलो।” इस चेतावनी के बाद सभी विधायक शांत होकर बैठ गए, जिससे सदन में अनुशासन बहाल हुआ। स्पीकर ने बार-बार सदन की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया।
मुख्य मुद्दों पर चर्चा
सपा विधायक राकेश कुमार वर्मा ने 2022 से 2025 तक पिछड़े वर्ग के युवा-युवतियों को तकनीकी प्रशिक्षण न दिए जाने का मुद्दा उठाया। संदीप सिंह पटेल ने पिछले दो वर्षों में विभिन्न जिलों में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर सवाल किया। जवाब में मंत्री नंद गोपाल नंदी ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई जिला नहीं जहां औद्योगिक इकाई स्थापित न हुई हो। सपा विधायकों ने नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े AI रोबोट मामले को भी उठाया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने CAG रिपोर्ट सदन में पेश की।
INPUT-ANANYA MISHRA









































