यूपी सरकार ने किया गो हत्यारों व तस्करों का खात्मा, सलाखों के पीछे धकेले गए 35 हजार से ज्यादा आरोपी

UP: उत्तर प्रदेश (UP) में योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की सरकार ने सत्ता संभालने के बाद गोकशी, गोतस्करी और अवैध पशु वध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। इस नीति के तहत प्रदेश में लगातार कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2020 में गोकशी को पूरी तरह रोकने के लिए गोवध निवारण कानून में संशोधन किया गया और जून 2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश जारी किया गया। इस अभियान के तहत अब तक 14,182 मामले दर्ज किए गए और 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गोकशी के आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई

सरकार का मानना है कि गोकशी केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ विषय है। इस दृष्टिकोण के तहत गिरफ्तार आरोपियों पर केवल सामान्य मुकदमे दर्ज नहीं किए गए, बल्कि उनके खिलाफ कड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई। 35,924 आरोपियों में से 13,793 पर गुंडा एक्ट लगाया गया, जबकि 178 पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लागू किया गया। इसके अलावा 14,305 मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जिससे संगठित अपराधियों के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगा।

Also Read: यूपी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात, योगी सरकार देगी साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा-आयुष्मान कार्ड का भी मिलेगा लाभ

विशेष टीमें और नेटवर्क तोड़ने की रणनीति

गोकशी से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए प्रदेश में विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने खुफिया निगरानी, जिलास्तरीय टास्क फोर्स और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई। कई संवेदनशील जिलों में रात के समय गश्त बढ़ाई गई और पशु परिवहन की निगरानी भी कड़ी की गई। इन प्रयासों से गोकशी और गोतस्करी के संगठित गिरोहों का नेटवर्क ध्वस्त हुआ और उनकी संपत्तियों की भी जांच की गई।

अपराधियों की आर्थिक ताकत पर भी लगाम

गोकशी से जुड़े मामलों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत अब तक लगभग 83.32 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इसके अलावा अवैध कमाई से खरीदी गई जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियों को भी कुर्क किया गया। इसका उद्देश्य अपराधियों की आर्थिक शक्ति कमजोर करना और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकना है।

Also Read: ‘उत्तर प्रदेश के लिए निवेश संभावनाओं का नया अध्याय शुरू…’, सीएम योगी आदित्यनाथ का जापान-सिंगापुर दौरे पर बड़ा बयान

संशोधित गोवध निवारण कानून में सख्त प्रावधान

उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश 2020 ने कानून को और सख्त बनाया। इसके तहत गोहत्या करने वालों को 10 साल तक की कठोर सजा और 3 से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही, गोवंश के अंगभंग करने पर 7 साल की जेल और 3 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यह कानून राज्य में गोकशी और अवैध पशु वध पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बनाया गया है।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)