हरियाणा के समालखा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में देशभर से लगभग 1400 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। संघ के सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार की बैठक खास महत्व रखती है, क्योंकि संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। बैठक की शुरुआत दिवंगत नेताओं और समाजसेवियों को श्रद्धांजलि देकर की गई।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध पर संघ की प्रतिक्रिया
प्रेस वार्ता के दौरान संघ ने पहली बार मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी। सीआर मुकुंद ने कहा कि इस विषय पर निर्णय लेना भारत सरकार का अधिकार है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री लगातार अंतरराष्ट्रीय नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। संघ की ओर से उम्मीद जताई गई कि यह संकट जल्द समाप्त हो और शांति के लिए समझौता हो सके।
संगठनात्मक बदलाव पर चल रहा मंथन
संघ नेतृत्व ने संकेत दिया कि संगठन में कुछ संरचनात्मक बदलावों पर विचार चल रहा है। सीआर मुकुंद ने कहा कि संघ समय-समय पर संगठन की जरूरतों और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बदलाव करता है और इस बार भी इस दिशा में विचार हो रहा है। वहीं यूजीसी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना और समाज में मौजूद भेदभाव को समाप्त करना है।
शाखाओं में बढ़ोतरी और घर-घर संपर्क अभियान
बैठक में बताया गया कि संघ की शाखाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले समय में करीब 5000 नई शाखाएं जुड़ी हैं। संघ का लक्ष्य हर गांव और हर घर तक पहुंच बनाना है। बताया गया कि संगठन अब तक 10 करोड़ परिवारों और लगभग तीन लाख गांवों तक संपर्क स्थापित कर चुका है। गृह संपर्क अभियान के दौरान केरल में मुस्लिम और ईसाई परिवारों तक भी स्वयंसेवक पहुंचे हैं, जहां उनका स्वागत किया गया।
हिंदू सम्मेलनों और बांग्लादेश के मुद्दे पर चर्चा
सीआर मुकुंद ने बताया कि संघ अब तक देशभर में लगभग 36 हजार हिंदू सम्मेलन आयोजित कर चुका है और आने वाले महीनों में और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, जो सकारात्मक संकेत है। साथ ही मणिपुर की स्थिति में सुधार का भी स्वागत किया गया। संघ ने बांग्लादेश सरकार से अपील की कि वहां रहने वाले हिंदुओं की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
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