आगरा में ट्रिपल एनकाउंटर: राज चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरबाज खान मारा गया, दो बदमाश घायल साथ में पुलिसकर्मी भी जख्मी

आगरा की सुबह गुरुवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से शुरू हुई। यूपी पुलिस ने राज चौहान हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। अलग-अलग तीन जगहों पर हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को मार गिराया गया, जबकि दो अन्य इनामी बदमाश आशु तिवारी और मोहित पंडित के पैर में गोली लगी। एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी (एक दरोगा और एक सिपाही) भी घायल हुए। यह कार्रवाई राज चौहान की 23 जनवरी को हुई हत्या के महज पांच दिन बाद हुई है, जिसमें पुलिस ने तेजी से एक्शन लिया।

29 जनवरी 2026 की सुबह आगरा में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का बड़ा ऑपरेशन देखने को मिला। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में 23 जनवरी की रात एक गेस्ट हाउस/होटल में रंगबाज राज चौहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राज चौहान खुद एक हिस्ट्रीशीटर था, जिसके खिलाफ कई आपराधिक मामले थे, जिसमें अटेम्प्ट टू मर्डर और आर्म्स एक्ट शामिल थे। हत्या शराब पार्टी के दौरान विवाद के बाद हुई, और आरोपियों ने “जो जिंदा रहेगा, वही राज करेगा” जैसा ऐलान किया था।

हत्या के बाद पुलिस ने 9 टीमें गठित कीं और जांच तेज की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी (25 हजार रुपये इनामी) को गिरफ्तार किया था। बुधवार रात करीब 2 बजे पुलिस उसे हत्या में इस्तेमाल तमंचे की बरामदगी के लिए ले जा रही थी। रास्ते में अरबाज ने दरोगा की पिस्टल छीन ली और भागने की कोशिश की। उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल घायल हो गए। प्रभारी निरीक्षक की जान बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरबाज को सीने में गोली लगी और वह मौके पर मारा गया।

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इसके अलावा, दो अलग-अलग मुठभेड़ों में हत्याकांड से जुड़े अन्य फरार बदमाशों आशु तिवारी और मोहित पंडित (दोनों पर 25-25 हजार का इनाम) से एनकाउंटर हुआ। दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में उनके पैरों में गोली लगी। उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये तीनों मुठभेड़ें चार घंटे के अंदर ट्रांस यमुना, डौकी और अन्य इलाकों में हुईं।

पुलिस आयुक्त आगरा दीपक कुमार और डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के निर्देशन में यह ऑपरेशन हुआ। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई अपराधियों को साफ संदेश है। जांच में पता चला है कि हत्या गैंगवार और वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा थी। अब पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की गहराई से जांच कर रही है। आगरा में अपराधियों के खिलाफ यह त्वरित एक्शन चर्चा का विषय बन गया है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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