‘सच्चा न्याय किसी के साथ अन्याय नहीं करता…’, UGC के नए नियमों पर SC की रोक पर अखिलेश यादव का बयान 

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने हाल ही में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर रोक लगा दी है। कोर्ट का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित बदलावों और नियमों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस फैसले के बाद अब विभिन्न राजनीतिक और शैक्षणिक नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आने लगी हैं।

अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान किसी भी प्रकार के भेदभाव को स्वीकार नहीं करता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि UGC के मामले में जो बातें सामने आ रही हैं, उसमें दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

भेदभाव के खिलाफ सपा का रुख

अखिलेश यादव ने याद दिलाया कि 2012 में भी इसी तरह के नियम लागू किए गए थे। उन्होंने कहा कि कानून होने के बावजूद समय-समय पर भेदभाव देखा जाता है। उनका मानना है कि शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में किसी भी तरह का अन्याय या पक्षपात समाज के लिए हानिकारक है।

अखिलेश यादव का एक्स पोस्ट 

सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘सच्चा न्याय किसी के साथ अन्याय नहीं करता।’ उन्होंने कहा कि कानून और नियमों की भाषा स्पष्ट होनी चाहिए और नीयत भी साफ होनी चाहिए। उनका कहना है कि किसी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए, न किसी के साथ अन्याय या जुल्म-ज्यादती हो, न किसी के साथ नाइंसाफी हो।