ट्रम्प ने ईरान जंग के बीच पुतिन से की बात,जानिए दोनों नेताओं के बीच क्या-क्या हुई चर्चा

ईरान-इजराइल और अमेरिका युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की है। रूस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया, जिसमें दोनों नेताओं ने ईरान और यूक्रेन के संघर्षों पर चर्चा की। रूस टुडे के मुताबिक, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने नवीनतम अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा करने के लिए फोन किया था। दोनों के बीच बातचीत ईरान संघर्ष और यूक्रेन संघर्ष के समाधान के उद्देश्य से वाशिंगटन, मॉस्को और कीव के बीच त्रिपक्षीय वार्ता पर केंद्रित रही।

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 11वां दिन हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से ईरान जंग और यूक्रेन के हालात पर 1 घंटे फोन पर बात की।ट्रम्प ने बताया कि पुतिन ने कहा है कि रूस, ईरान जंग खत्म कराने में मदद करना चाहता है। हालांकि ट्रम्प ने उनसे कहा कि अगर वे रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद करें तो वो ज्यादा बेहतर होगा। फ्लोरिडा में मीडिया से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी और पुतिन की पहली बातचीत थी। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि पिछले 10 दिन में अमेरिका ने 51 ईरानी जहाज डुबो दिए हैं और हजारों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

इससे पहले सोमवार को, आरटी न्यूज के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता के रूप में मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर उन्हें बधाई दी। इसके अलावा, उन्होंने ईरान के साथ चल रहे अमेरिकी-इजरायली गठबंधन के संघर्ष के बीच ईरान के लिए रूस के अटूट समर्थन का आश्वासन दिया। आरटी न्यूज के अनुसार, पुतिन ने कहा, ऐसे समय में जब ईरान सशस्त्र आक्रमण का सामना कर रहा है, मुझे विश्वास है कि आप अपने पिता के उद्देश्य को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाएंगे और ईरानी जनता को एकजुट करेंगे। मैं तेहरान के लिए अपने अटूट समर्थन की पुष्टि करना चाहता हूं। रूस टुडे ने आगे बताया कि पुतिन ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष वैश्विक तेल और गैस प्रवाह को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है, जिससे खाड़ी तेल उत्पादन रुक सकता है और कीमत बढ़ोतरी की एक नई परेशानी पैदा हो सकती है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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