मैं, अवनीश विद्यार्थी, गोरखपुर में Ground Zero पर UGC के नए नियमों को लेकर चर्चा के लिए पहुँचा। इस दौरान मैंने पूर्व एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह से बातचीत की। पूर्व एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने हाल ही में लागू हुए UGC के नए नियमों को संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा कि ये नियम समाज में जातीय संघर्ष और नफरत बढ़ाने वाले हैं। सिंह का कहना है कि ऐसे नियम एक समरस समाज के लिए आत्मघाती साबित होंगे।
पहले ड्राफ्ट में दंड का प्रावधान था, नया नियम खतरे में
देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि UGC का पहला ड्राफ्ट यह सुनिश्चित करता था कि झूठी शिकायत करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन 2026 के नए ड्राफ्ट में यह प्रावधान हटा दिया गया। उनके अनुसार, इससे नियम का दुरुपयोग बढ़ने की संभावना है और सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भय का माहौल बन रहा है।
SC‑ST और OBC वर्ग शामिल, जातीय टकराव का खतरा
सिंह ने कहा कि पहले यह नियम केवल SC‑ST वर्ग तक सीमित था, लेकिन बाद में इसमें OBC को भी शामिल कर दिया गया। इससे जातीय टकराव और सामाजिक असंतुलन बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में एक दलित छात्र और सामान्य वर्ग की छात्रा के बीच हुई मामूली घटना पर मामला दर्ज हुआ, जो बाद में समझौते से सुलझा। देवेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार इससे दुरुपयोग की संभावना ज्यादा है।
गोरखपुर में झूठे मामलों का उदाहरण
देवेंद्र प्रताप सिंह ने गोरखपुर की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 80 वर्षीय पिता और 50 वर्षीय पुत्र पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच में सामने आया कि यह एक गिरोह की योजना थी, जो पैसे ऐंठने के लिए ऐसे मामले कराता है। उनका कहना है कि इससे समाज में भय और असुरक्षा पैदा होती है, न कि समरसता।
संविधान और लोकतंत्र के प्रति अपील
देवेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि UGC अपने इस काले कानून को वापिस ले। उन्होंने सरकार और प्रधानमंत्री से भी अपील की कि वे इस मामले को गंभीरता से लें, इस कानून में संशोधन करें और रिसर्च करें। उनका कहना है कि सभी नागरिकों को समान अवसर मिलना चाहिए और झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ सख़्त दंड का प्रावधान अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए। इस पूरे शानदार इंटरव्यू को सुनने के लिए ऊपर दिए गए यूट्यूब लिंक पर क्लिक करें।













































