Unnao rape case: उन्नाव रेप केस से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। यह याचिका उस मामले से संबंधित है जिसमें पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी। इस मामले में निचली अदालत सेंगर को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की सजा सुना चुकी है।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
सेंगर ने अपनी याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 19 जनवरी को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राहत देने से इनकार किया था। अब इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 9 फरवरी को सुनवाई करेगा।
याचिका में क्या दलील दी गई
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में सेंगर की ओर से कहा गया है कि उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और वे जमानत पाने के हकदार हैं। बचाव पक्ष का दावा है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उन्हें राहत दी जानी चाहिए, जबकि अभियोजन पक्ष पहले ही मामले की संवेदनशीलता पर जोर देता रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि और संवेदनशीलता
उन्नाव रेप केस पहले से ही देशभर में चर्चा का विषय रहा है, और पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत ने इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया था। इस घटना के बाद मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर राष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी रही। रेप केस में सेंगर को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में सजा काट रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
अब सुप्रीम कोर्ट का आने वाला फैसला कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है। अदालत का आदेश न केवल सेंगर की मौजूदा कानूनी स्थिति तय करेगा, बल्कि इस बहुचर्चित मामले की आगे की दिशा पर भी प्रभाव डाल सकता है।









































