उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हाल की बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली के कारण हुई क्षति के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बुधवार को लखनऊ (Lucknow) में उच्च स्तरीय बैठक की। पिछले एक सप्ताह में प्राकृतिक आपदा के चलते प्रदेश में 20 लोगों की जान चली गई, 12 लोग घायल हुए और 33 पशु प्रभावित हुए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व और कृषि विभागों को प्रभावित किसानों और बटाईदारों के नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर तत्काल रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
24 घंटे के भीतर राहत और कड़े निर्देश
सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहानि, पशु हानि और घायल लोगों के परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए। राहत आयुक्त कार्यालय सभी जिलों की स्थिति पर नजर रख रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत कार्यों में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड से जिलों को पर्याप्त धनराशि तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आवास और बीमा योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों के घर आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के तहत प्राथमिकता पर नए घर दिए जाएं। इसके साथ ही, पात्र लाभार्थियों को ‘कृषक दुर्घटना बीमा योजना’ के तहत तुरंत लाभ दिलाने के भी आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों को बीमा कंपनियों से समन्वय कर फसल बीमा दावों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मंडी समितियों और सर्वे कार्य पर जोर
सीएम ने राजस्व और कृषि विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया ताकि प्रभावित किसानों के नुकसान का सर्वे समयबद्ध तरीके से पूरा हो। उन्होंने मंडी समितियों को भी निर्देश दिया कि वे किसानों को हर प्रकार का सहयोग दें। अधिकारी सीधे प्रभावित किसानों तक पहुंचकर यह सुनिश्चित करें कि उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले।
हर प्रभावित तक तुरंत सहायता पहुंचाना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस आपदा की स्थिति में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर प्रभावित तक त्वरित सहायता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राहत वितरण में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारी हर स्तर पर जवाबदेह रहेंगे। सरकार किसानों के साथ खड़ी है और संकट के समय उनकी मदद में कोई कमी नहीं आएगी।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.
















































