UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 18.7 फीसदी है। बीते 14 दिनों में केवल 2 लाख नए नाम ही जोड़े जा सके। अब इस प्रक्रिया की समयसीमा में कोई और विस्तार नहीं होगा और 31 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। सबसे ज्यादा असर लखनऊ और गाजियाबाद में दिखा, जहां कुल कटे नामों का लगभग 30 फीसदी हिस्सा है। फॉर्म भरने की अंतिम समयसीमा 26 दिसंबर रात 12 बजे तय की गई थी।
समयसीमा बढ़ने के बावजूद सीमित भागीदारी
यूपी में एन्यूमरेशन की अवधि पहले 11 दिसंबर 2025 तक थी, जिसे बढ़ाकर 26 दिसंबर 2025 किया गया। इसी कारण ड्राफ्ट मतदाता सूची की तारीख भी आगे खिसकाई गई। चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया को 14 दिन बढ़ाने का निर्णय लिया था। इसके बावजूद अपेक्षित संख्या में फॉर्म नहीं भरे जा सके, जिससे बड़ी संख्या में नाम कट गए।
देश के अन्य राज्यों में भी बड़ा असर
उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों में भी SIR के तहत लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए। तमिलनाडु में करीब 97 लाख, गुजरात में 73 लाख, पश्चिम बंगाल में 58 लाख और मध्य प्रदेश में 42 लाख से अधिक नाम सूची से बाहर हुए। राजस्थान, केरल, छत्तीसगढ़ और बिहार जैसे राज्यों में भी यह संख्या लाखों में रही, जबकि लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार जैसे छोटे क्षेत्रों में यह आंकड़ा सीमित रहा।
SIR को लेकर सियासी घमासान
इस पूरी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज रही। विपक्ष का आरोप है कि SIR के चलते हाशिए पर रहने वाले समुदायों के मताधिकार प्रभावित हुए हैं। वहीं सत्तापक्ष इसे मतदाता सूची को शुद्ध करने की जरूरी कवायद बता रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान यह मुद्दा खासा उछला और राहुल गांधी ने इसे लेकर वोटर अधिकार यात्रा भी निकाली। हालांकि चुनाव नतीजों में यह मुद्दा विपक्ष के लिए निर्णायक साबित नहीं हुआ। यूपी में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार SIR का विरोध करते रहे हैं।
लखनऊ में सबसे ज्यादा गिरावट, आगे की प्रक्रिया तय
राजधानी लखनऊ में करीब 12 लाख मतदाताओं के नाम कम हो गए हैं। शहर की नौ विधानसभा सीटों में मलिहाबाद और मोहनलालगंज में सबसे ज्यादा, लगभग 83 फीसदी फॉर्म भरे गए, जबकि अन्य सीटों पर यह प्रतिशत 61 से 78 के बीच रहा। SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी। इसके बाद 31 दिसंबर से 30 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
















































