UP: आजमगढ़ तरवां थाना पुलिस ने 17 वर्षों से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी वांछित अभियुक्त मोनू मिश्रा उर्फ बृजेश मिश्रा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मोनू मिश्रा के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। वह वर्ष 2010 से लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने 27 नवंबर 2022 को ₹25 हजार का इनाम घोषित किया था।
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पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2009 में थाना तरवां क्षेत्र में दो युवतियों को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोप में उसके खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें एक मामले में धारा 363 और 366 तथा दूसरे मामले में धारा 363, 366, 120बी और 376 भादवि के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके बाद वर्ष 2010 में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा भी दर्ज किया गया।
बुधवार को तरवां पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग तथा वांछित अभियुक्तों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने करीब पांच बजे नवरसिया पुलिया के पास, ग्राम डुभाव से मोनू मिश्रा उर्फ बृजेश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2010 से गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना नाम और ठिकाना बदलकर रह रहा था। काफी समय बीत जाने के बाद उसे लगा कि पुलिस उसकी तलाश नहीं कर रही होगी, जिसके बाद वह परिचितों से मिलने और मुकदमों के संबंध में बातचीत करने के लिए वापस आया था।
पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 192/2026 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अतुल कुमार मिश्रा और कांस्टेबल कमलेश कुमार यादव शामिल रहे।
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