UP: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गुरुवार को लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) से मुलाकात की। पार्टी प्रमुख ने कहा कि आशीर्वाद लेने के लिए यह मुलाकात महत्वपूर्ण थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शंकराचार्य का आशीर्वाद मिलने से नकली संतों के प्रभाव का अंत होगा। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी तथा पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद थे।
गोरक्षा अभियान और देशभर का दौरा
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 8 मार्च को वाराणसी से गोरक्षा अभियान की शुरुआत की थी और विभिन्न जिलों का दौरा करते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचे। बुधवार को उन्होंने लखनऊ में एक सभा आयोजित की, जिसमें गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने और गौ हत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की अपील की गई। अखिलेश यादव ने इस सभा की शर्तों पर सवाल उठाए थे और पूर्व में भी माघ मेला के दौरान उनके कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी।
समाजवादी सरकार और गाय की सेवा
अखिलेश यादव ने गोरक्षा और गाय सेवा के विषय पर कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी वे गाय की सेवा और संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। मुलाकात के दौरान उन्होंने सभी संतों से हाथ जोड़कर प्रणाम किया, जिससे उनके आशीर्वाद और सम्मान की भावनाएं स्पष्ट रूप से देखने को मिलीं।
राजनीतिक संदेश और आगे की योजनाएं
अखिलेश यादव की यह मुलाकात न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक सन्दर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी कदम से पहले शंकराचार्य का आशीर्वाद लेना उचित है। इससे स्पष्ट होता है कि सपा नेतृत्व धार्मिक और सामाजिक संवेदनाओं के प्रति सजग है और नकली संतों और विवादास्पद मुद्दों के खिलाफ स्पष्ट रुख बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।












































