UP: बलिया (Ballia) जिले की बेटी शिक्षा पाठक (Shiksha Pathak) ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 453वीं रैंक हासिल कर पूरे जनपद का सिर ऊंचा कर दिया है। पियरौटा गांव निवासी विजय पाठक की भतीजी और अरुण पाठक की सुपुत्री शिक्षा की यह उपलब्धि जिले के लिए ऐतिहासिक है। उनकी सफलता से न केवल परिवार और गांव में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे बलिया में युवाओं को नई प्रेरणा मिली है। शिक्षा ने कठिन परिश्रम, लगन और परिवार के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया है।
शिक्षा पाठक की सफलता की कहानी
शिक्षा पाठक बलिया जिले के पियरौटा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के स्कूलों से पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए प्रयागराज और दिल्ली में रहीं। UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार 2-3 साल तक कड़ी मेहनत की। शिक्षा ने बताया कि परिवार का पूरा सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अपनी मेहनत से यह सफलता मिली। उनकी रैंक 453 आने से बलिया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
परिवार और गांव में उत्साह
शिक्षा पाठक पियरौटा निवासी विजय पाठक की भतीजी और अरुण पाठक की बेटी हैं। परिणाम आने के बाद परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गांव में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर पहुंचना शुरू कर दिया। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि शिक्षा जैसी बेटियां बलिया की शान हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। क्षेत्र के युवा अब UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए और अधिक प्रेरित हो गए हैं।
जिले में गर्व का माहौल
बलिया जिले में शिक्षा पाठक की सफलता को लेकर हर तरफ चर्चा है। स्थानीय नेता, शिक्षक और सामाजिक संगठन उन्हें बधाई दे रहे हैं। कई जगहों पर उनका स्वागत करने की तैयारियां चल रही हैं। जिले के युवा अब कह रहे हैं कि अगर बलिया की बेटी ने इतनी कठिन परीक्षा में इतनी अच्छी रैंक हासिल की है, तो हम भी कर सकते हैं। शिक्षा की सफलता ने जिले में सिविल सेवा की तैयारी करने वाले छात्रों में नई ऊर्जा भर दी है।
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शिक्षा पाठक का संदेश
शिक्षा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और सही दिशा में प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी हार नहीं मानी और परिवार का साथ मिला। बलिया के युवा भी अगर लगन से पढ़ाई करेंगे तो जरूर सफल होंगे।’ उन्होंने सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे बलिया और उत्तर प्रदेश की बेटियों की है।




















































