UP: BJP नेता अभिजात मिश्रा ने CM को लिखा पत्र, KGMU कैंपस से अवैध मजारें-मस्जिदें हटाने की मांग

UP: लखनऊ (Lucknow) स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में कथित अवैध मजारों और मस्जिदों को लेकर विवाद तेज हो गया है। भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रदेश मंत्री और युवा मोर्चा नेता अभिजात मिश्रा (Abhijaat Singh) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) को पत्र लिखकर इन संरचनाओं को तत्काल हटाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अवैध निर्माण संस्थान की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं, स्वास्थ्य सुविधाओं में बाधा बन रहे हैं, हिंसक घटनाओं का केंद्र बने हुए हैं और यहां से कट्टरपंथ तथा लव जिहाद जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। यह मामला केजीएमयू में हाल के धर्मांतरण और अन्य विवादों से जुड़ा हुआ है, जहां पहले भी मजारों की आड़ में गतिविधियों के आरोप लग चुके हैं।

अभिजात मिश्रा का सीएम योगी को पत्र

भाजपा नेता अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में केजीएमयू कैंपस में बनी कई अवैध मजारों और मस्जिदों को हटाने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि ये संरचनाएं सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी हुई हैं और परिसर में व्यवस्था बिगाड़ रही हैं। पत्र में कहा गया है कि इन मजारों से संस्थान की सुरक्षा खतरे में है, स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा आ रही है और यहां से हिंसक घटनाएं होती हैं।

कट्टरपंथ और लव जिहाद का आरोप

अभिजात मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हीं मजारों से कट्टरपंथ की शिक्षा दी जाती है और लव जिहाद जैसी गतिविधियां चल रही हैं। उन्होंने केजीएमयू को ‘जिहाद का मुख्य केंद्र’ बनाने का दावा किया, जहां मजारों की आड़ में आतंकवादी, जिहादी और धर्मांतरण गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि जब तक कैंपस मजार मुक्त नहीं होगा, जिहाद पनपता रहेगा।

केजीएमयू परिसर में अवैध निर्माणों का दावा

रिपोर्ट्स के अनुसार, केजीएमयू में आधा दर्जन से अधिक अवैध मजारें बनी हुई हैं, जिनमें से कुछ ट्रॉमा सेंटर क्षेत्र में भी हैं। अभिजात मिश्रा ने कहा कि ये सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हैं और यहां सफाईकर्मी, डॉक्टरों और छात्रों के बीच धर्मांतरण और फंडिंग जैसी गतिविधियां चल रही हैं। हाल के केजीएमयू धर्मांतरण मामले (रमीज मलिक जैसे आरोपियों से जुड़े) में भी मजारों का जिक्र आया था, जहां आरोपी का इन जगहों पर आना-जाना बताया गया।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) का समर्थन और हटाने की मांग

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी केजीएमयू में अवैध मजारों को हटाने की मांग की है और इसे “लैंड जिहाद” का हिस्सा बताया है। VHP ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता तो वे खुद कदम उठा सकते हैं। अभिजात मिश्रा के पत्र के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है, जहां बीजेपी नेता इसे सुनियोजित साजिश बता रहे हैं।

प्रशासन की स्थिति और राजनीतिक मायने

केजीएमयू प्रशासन और पुलिस ने अभी तक पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पिछले मामलों में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के संकेत मिले हैं। यह विवाद योगी सरकार की अवैध अतिक्रमण हटाओ मुहिम से जुड़ता है, जहां हाल ही में कई जगहों पर मस्जिद-मदरसे हटाए गए। विपक्ष इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर सकता है, जबकि समर्थक इसे सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मुद्दा मान रहे हैं। अगर कार्रवाई होती है तो केजीएमयू में व्यवस्था सुधार और कैंपस की सुरक्षा बढ़ सकती है।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)