लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने अपने विधायकों की परफॉर्मेंस और संभावित प्रत्याशियों का आकलन करने के लिए सर्वे के दूसरे चरण को फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह से शुरू करने का फैसला किया है। यह सर्वे पहले चरण से अलग एक स्वतंत्र एजेंसी के जरिए कराया जाएगा, जबकि पहले चरण की रिपोर्ट पहले ही पार्टी नेतृत्व को सौंपी जा चुकी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कराएगी, भले ही वर्तमान में पार्टी के पास 258 विधायक ही हों। सर्वे में सहयोगी दलों, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), सुभासपा, अपना दल (एस) और निषाद पार्टी,के हिस्से वाली सीटें भी शामिल होंगी। दोनों एजेंसियों की रिपोर्ट का आपस में मिलान किया जाएगा, ताकि जमीनी हकीकत की सटीक और निष्पक्ष तस्वीर सामने आ सके।
दो अलग-अलग एजेंसियों से सर्वे कराने का उद्देश्य किसी एक रिपोर्ट में संभावित पक्षपात या एकतरफा निष्कर्ष की आशंका को खत्म करना है। दोनों रिपोर्टों की तुलना से यह भी स्पष्ट होगा कि सर्वे की गहराई और विश्वसनीयता कितनी है तथा किसी एक विधायक या दावेदार का प्रभाव हावी तो नहीं है।
सर्वे के दौरान एजेंसियां जिले के भाजपा के छोटे पदाधिकारियों, आरएसएस कार्यकर्ताओं से भी संवाद करेंगी। सर्वेयर फील्ड में जाकर सार्वजनिक स्थानों पर आम लोगों से बातचीत करेंगे और चुनावी मुद्दों पर चर्चा के माध्यम से मौजूदा भाजपा विधायक या पिछले चुनाव में पराजित प्रत्याशी की छवि को लेकर फीडबैक जुटाएंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, 2022 और 2024 के विस्तारक कार्यकर्ता, दुकानदार, छोटे सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, वकील, डॉक्टर, शिक्षक, युवा और महिलाओं से राय ली जाएगी।
Input- RKY














































