गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से शिष्टाचार भेंट कर गोरखपुर विमानपत्तन के तकनीकी उन्नयन का मुद्दा उठाया। मुलाकात के दौरान उन्होंने एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक श्रेणी-III (CAT-III) इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) स्थापित करने की मांग रखी। सांसद ने इसे पूर्वांचल की हवाई सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में जरूरी कदम बताया।
मौजूदा CAT-II प्रणाली पर उठाए सवाल
सांसद ने मंत्री को बताया कि वर्तमान में एयरपोर्ट पर संचालित CAT-II ILS प्रणाली सीमित तकनीकी क्षमता वाली है। घने कोहरे और कम दृश्यता की स्थिति में यह प्रणाली पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं होती, जिससे उड़ानों में देरी और डायवर्जन की समस्या बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष सर्दियों में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
तेजी से बढ़ रही है यात्रियों की संख्या
रवि किशन ने इस बात पर जोर दिया कि गोरखपुर अब पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण हवाई केंद्र बन चुका है। लगभग 22 लाख की आबादी वाले क्षेत्र में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा टर्मिनल विस्तार और अन्य विकास कार्य भी जारी हैं, ऐसे में आधुनिक ILS प्रणाली की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।
CAT-III ILS से मिलेंगे बड़े लाभ
सांसद के अनुसार CAT-III ILS प्रणाली लगने से बहुत कम दृश्यता, यहां तक कि 50 मीटर तक, में भी सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ संभव होगा। इससे उड़ानों की समयबद्धता में सुधार होगा, रद्द और डायवर्ट होने वाली उड़ानों की संख्या घटेगी तथा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एयरपोर्ट पर पहले से DVOR प्रणाली स्थापित है, जिससे नई तकनीक के साथ समन्वय और बेहतर होगा।
शीघ्र स्वीकृति और कार्यान्वयन की मांग
मुलाकात के अंत में सांसद ने मंत्री से CAT-III ILS स्थापना के लिए शीघ्र स्वीकृति देने, आवश्यक बजट आवंटित करने और तकनीकी प्रक्रिया शुरू करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि मंत्रालय इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि इस पहल से गोरखपुर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी और सुविधाएं नए स्तर पर पहुंचेंगी।












































