UP: उत्तर प्रदेश सरकार आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aditayanath) ने राज्य के सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों (Cantonment Hospitals) में आयुष्मान कार्ड (Ayushmaan Card) धारकों को इलाज की सुविधा देने का ऐलान किया है। इसके लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) जल्द ही 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ एमओयू साइन करेगी। प्रदेश में कुल 13 कैंटोनमेंट अस्पताल हैं, जिनमें से प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल पहले से ही योजना के तहत मरीजों को इलाज प्रदान कर रहा है।
प्रयागराज मॉडल का राज्य भर में विस्तार
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि जनवरी 2026 से प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में आयुष्मान कार्डधारकों का मुफ्त इलाज शुरू हो गया है। मरीजों को कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, मेडिकल और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अन्य 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों में भी इसी सुविधा को लागू करने का निर्णय लिया है।
मुफ्त जांच और गंभीर मरीजों के लिए परिवहन
इस योजना के तहत मरीजों को मुफ्त ओपीडी अपॉइंटमेंट, जांच और गंभीर मामलों में मुफ्त पिक एंड ड्रॉप सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को अस्पताल तक आने-जाने में होने वाली कठिनाई को कम करना है। इससे गंभीर और जटिल बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
एमओयू के माध्यम से अन्य शहरों में सुविधा
एमओयू साइन होने के बाद लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, वाराणसी, अयोध्या, शाहजहांपुर, मथुरा, आगरा, फतेहपुर, झांसी और बबीना के कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। इससे राज्य में पैनल्ड अस्पतालों की संख्या में इजाफा होगा और अधिक मरीज योजना का लाभ उठा पाएंगे।
पारदर्शी प्रक्रिया और आम नागरिकों के लिए लाभ
साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान योजना के अनुसार आवश्यक प्रक्रियाओं को ढाला जा रहा है। एमओयू के बाद ये अस्पताल योजना के पोर्टल से जुड़ जाएंगे, जिससे मरीजों के उपचार, बिलिंग और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी। इस पहल से सेना क्षेत्र के अस्पतालों की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ आम नागरिक भी उठा पाएंगे और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव भी कम होगा।
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