UP: उत्तर प्रदेश में उप निरीक्षक एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा के पहले दिन पूछे गए एक प्रश्न को लेकर रविवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। परीक्षा के सामान्य हिंदी खंड में पूछे गए एक सवाल के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल किए जाने पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। खासकर ब्राह्मण समाज से जुड़े लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए विरोध जताया। मामला तूल पकड़ने के बाद प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
पुलिस भर्ती बोर्ड करेगा जांच
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कंपनी कौन थी और संबंधित विकल्प को प्रश्न में क्यों शामिल किया गया। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या साजिश सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और एफआईआर दर्ज कराने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
प्रश्न के विकल्प पर शुरू हुआ विवाद
दरअसल, शनिवार को हुई पहली पाली की परीक्षा में पूछा गया था कि ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाले व्यक्ति के लिए एक शब्द लिखिए।’ इसके विकल्पों में पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी दिए गए थे। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को गलत और अपमानजनक बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
नेताओं ने भी जताई नाराजगी
मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई भाजपा विधायकों और नेताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी इसे अनुचित और आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि किसी भी जाति, वर्ग या परंपरा से जुड़े शब्दों का इस प्रकार प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
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