UP: कोडीन कफ सिरप (Codeine Cough Syrup) मामले में मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल (Shubham Jaiswal) पर शिकंजा और कस गया है। पासपोर्ट विभाग ने उसका पासपोर्ट निरस्त कर दिया है। इससे पहले शुभम के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। पासपोर्ट रद्द होने के बाद अब दुबई में उसकी मौजूदगी को अवैध माना जाएगा। एसटीएफ ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय के माध्यम से दुबई प्रशासन को सूचना भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लखनऊ से शुरू हुआ था पूरा मामला
लखनऊ में बड़ी संख्या में कोडीन सिरप की बोतलें बरामद होने के बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। एसटीएफ की जांच में एफआईआर दर्ज हुई और आगे की कार्रवाई में विभोर राणा व विशाल की गिरफ्तारी हुई। पूछताछ के दौरान तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह की जानकारी सामने आई, जिसमें बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित टाटा के नाम भी उजागर हुए। इसके बाद यह मामला प्रदेश स्तर पर चर्चा में आ गया।
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जांच तेज होते ही दुबई फरार हुआ शुभम
जांच को बढ़ते देख शुभम जायसवाल अपने परिवार और करीबियों के साथ दुबई भाग गया था। इसके बाद उसके खिलाफ पहले लुकआउट सर्कुलर और फिर रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया। एसटीएफ के अनुसार, पासपोर्ट विभाग को भेजे गए पत्र के आधार पर अब शुभम का पासपोर्ट आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया है। संबंधित एजेंसियों को इसकी सूचना दी जा चुकी है और दुबई को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट भेजी जाएगी।
विकास नरवे की गिरफ्तारी से बढ़ीं आलोक सिंह की मुश्किलें
शुभम के करीबी सहयोगी विकास नरवे की गिरफ्तारी ने पूरे नेटवर्क की कई परतें खोल दी हैं। पूछताछ में विकास ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की अघोषित संपत्तियों और उसके सहयोगियों से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की हैं। आलोक की कोठी में निवेश की गई रकम को लेकर एसआईटी के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जांच कर रहा है। ईडी की पूछताछ में आलोक के परिजन संतोषजनक जवाब नहीं दे सके हैं। जल्द ही विकास नरवे को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।
















































