UP: लखनऊ (Lucknow) से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तीन पूर्व यूक्रेनी सैनिकों को गिरफ्तार किया है। पेट्रो हुरबा (36), तारास स्लिवियाक (37) और इवान सुकमानोव्स्की (34) पर आरोप है कि उन्होंने म्यांमार में आतंकियों को प्रशिक्षण दिया और भारत के खिलाफ साजिश रची। एजेंसी के अनुसार, ये तीनों अंतरराष्ट्रीय ड्रोन-आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
UAE से म्यांमार तक का संदिग्ध यात्रा मार्ग
जांच में पता चला कि तीनों आरोपी 18 दिसंबर 2025 को संयुक्त अरब अमीरात से भारत पहुंचे और मिजोरम के रास्ते म्यांमार के चिन राज्य में गए। यहां उन्होंने आतंकवादी संगठनों से संपर्क किया और यूरोप से भेजे गए ड्रोन के बड़े कंसाइनमेंट म्यांमार तक पहुंचाने में मदद की। इन ड्रोन का इस्तेमाल ‘Ethnic Armed Groups’ के जरिए भारत के प्रतिबंधित संगठनों को हथियार और प्रशिक्षण देने में किया जाना था।
लखनऊ में होटल से संदिग्ध गतिविधियां
लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने पर आरोपियों ने एयरपोर्ट के पास एक होटल में कमरा बुक किया। होटल स्टाफ ने दस्तावेज और फॉर्म C मांगा, जिसमें उनकी जानकारी संदिग्ध पाई गई। इसकी सूचना एजेंसी और विदेश मिशन को दी गई, जिससे आरोपियों पर निगरानी शुरू हुई। जांच में पता चला कि उनका यहां केवल एक दिन रुकने का प्लान था और वे ‘केल्लुम’ (कुआलालंपुर) के लिए फ्लाइट लेने वाले थे।
एयरपोर्ट पर पकड़ और कानूनी कार्रवाई
जैसे ही आरोपियों ने लखनऊ एयरपोर्ट पर चेक-इन किया, इमिग्रेशन विभाग ने उन्हें रोक लिया। पूछताछ में उनके यात्रा पैटर्न और गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद NIA ने उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 18 के तहत केस दर्ज किया। एजेंसी इस नेटवर्क और उसके अन्य जुड़े सदस्यों का पता लगाने के प्रयास में जुटी है।
कोलकाता और दिल्ली में और गिरफ्तारी
इस बड़ी कार्रवाई के तहत NIA ने कोलकाता एयरपोर्ट से अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक को भी गिरफ्तार किया। वह म्यांमार में उग्रवादियों को हथियार और प्रशिक्षण देने में सक्रिय था। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट से चार अन्य यूक्रेनी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनकी नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका थी।















































