UP: बांदा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र भेजकर मांगों के समाधान की मांग की है।संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।संगठन के अनुसार प्रदेश में एक लाख से अधिक NHM संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत हैं।ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक संविदा कर्मी विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।संगठन ने कोविड-19 महामारी समेत कई स्वास्थ्य अभियानों में भी संविदा कर्मचारियों की भूमिका का हवाला दिया है।
नियमितीकरण की मांग प्रमुख
NHM संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांग लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों का स्वास्थ्य विभाग में नियमितीकरण है।संगठन ने अन्य राज्यों में संविदा कर्मियों के लिए लागू व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश में भी बेहतर व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की है।
8 से 10 अक्टूबर तक जिलों में कार्य बहिष्कार
संगठन ने आंदोलन के पहले चरण में 8,9 और 10 अक्टूबर 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर बैठक और मांगों के समर्थन में कार्य बहिष्कार/कार्यविराम करने की घोषणा की है।संगठन का कहना है कि इसके बाद भी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ या राज्य प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक वार्ता नहीं हुई तो 12 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे।संघ ने मुख्यमंत्री से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर प्रस्तावित आंदोलन को टालने की अपील की है।संगठन ने यह भी कहा है कि अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।















































