UP: चुनावी बिगुल से पहले निषाद पार्टी का शक्ति प्रदर्शन, चार प्रमुख क्षेत्रों में विशाल रैलियों का ऐलान

UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में निषाद पार्टी (Nishad Party) ने अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत की तैयारी पूरी कर ली है। पार्टी ने प्रदेश के चार प्रमुख शहरों, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में बड़ी जनसभाओं की योजना बनाई है, जिनके माध्यम से वह अपनी राजनीतिक ताकत और जनाधार का प्रदर्शन करेगी।

गोरखपुर से अभियान की शुरुआत

पार्टी 22 मार्च 2026 को गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में विशाल रैली आयोजित करने जा रही है। इसे चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज़ माना जा रहा है। इस रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, समर्थकों और निषाद समाज के लोगों के जुटने की संभावना है, जिससे पार्टी अपनी मजबूती का संकेत देना चाहती है।

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पूर्वांचल में पकड़ मजबूत, पश्चिम में विस्तार की रणनीति

निषाद पार्टी का विशेष ध्यान पूर्वांचल क्षेत्र पर है, जिसे उसका पारंपरिक गढ़ माना जाता है। वहीं मेरठ में रैली आयोजित कर पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अपने प्रभाव को बढ़ाने और नए सामाजिक समीकरण बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस रणनीति के जरिए पार्टी पूरे प्रदेश में संतुलित राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।

आरक्षण और अधिकार मुख्य मुद्दा

इन रैलियों का मुख्य फोकस मझवार/तुरैहा समाज को अनुसूचित जाति (SC) में शामिल करने की मांग रहेगा। पार्टी नेतृत्व इसे सामाजिक न्याय और सम्मान से जुड़ा बड़ा मुद्दा मानता है। पिछले वर्षों में ‘मछुआ एससी संवैधानिक अधिकार यात्रा जैसे अभियानों के जरिए इस विषय को उठाया गया है, जिसे अब जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी है।

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परंपरागत अधिकारों की बहाली पर जोर

पार्टी ने मछुआ समाज के पारंपरिक अधिकारों, जैसे नदी, बालू खनन और घाटों पर नियंत्रण की बहाली की मांग उठाई है। साथ ही, वर्ग-3 की भूमि को पुनः समाज के लिए आरक्षित करने और विमुक्त जाति-जनजाति से जुड़े अधिकारों को फिर से लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इससे समाज को स्थायी आजीविका और सम्मानजनक जीवन मिलेगा।

संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक संदेश

चुनावी तैयारियों के तहत पार्टी ने प्रदेश के सभी 88 संगठनात्मक जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति भी कर दी है। यह कदम जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इन रैलियों के जरिए पार्टी न केवल शक्ति प्रदर्शन करना चाहती है, बल्कि यह भी संदेश देना चाहती है कि वह प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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