UP: सहारनपुर (Saharanpur) जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित पीकी गांव में एक महिला के निधन के बाद धर्म परिवर्तन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अनुसूचित जाति से जुड़े एक परिवार द्वारा पूर्व में ईसाई धर्म अपनाने के कारण ग्रामीणों ने श्मशान घाट में अंतिम संस्कार का विरोध कर दिया। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया और मामला पंचायत तक पहुंच गया।
श्मशान घाट पर ग्रामीणों का विरोध
जानकारी के अनुसार, राम सिंह की पत्नी मामचंदी का निधन हो गया था। जब परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान घाट ले जाने लगे, तो कुछ ग्रामीणों ने यह कहकर आपत्ति जताई कि जिन्होंने ईसाई धर्म स्वीकार किया है, उनका अंतिम संस्कार उसी रीति-रिवाज से किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने शव को ईसाई कब्रिस्तान ले जाने की मांग की। बताया गया कि राम सिंह सहित गांव के 13 परिवारों ने कुछ वर्ष पहले धर्म परिवर्तन किया था, जिससे अन्य समाज के लोग नाराज चल रहे थे।
रविदास मंदिर में बुलाई गई पंचायत
बढ़ते तनाव को देखते हुए गांव के रविदास मंदिर में पंचायत आयोजित की गई। इसमें अनुसूचित जाति समाज के लोग और धर्म परिवर्तन कर चुके परिवारों के सदस्य शामिल हुए। लंबी चर्चा के बाद 13 में से 11 परिवारों ने सार्वजनिक रूप से अपने मूल हिंदू धर्म में लौटने की घोषणा कर दी। हालांकि, दो परिवारों ने धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया।
घर वापसी के बाद हुआ अंतिम संस्कार
करीब 50 लोगों से जुड़े 11 परिवारों की घर वापसी की घोषणा के बाद ही ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद मामचंदी का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में संपन्न कराया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन सतर्क रहा और गांव में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी रखी गई, जिससे किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।







































