18 लाख से ज़्यादा युवाओं को ऑनलाइन ट्रेनिंग देकर यूपी में हुआ कमाल, मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने प्रस्तुत की विस्तृत रिपोर्ट

लखनऊ, 7 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पहल ‘मिशन कर्मयोगी’ के प्रभावी क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बन चुका उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मिशन की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की गई। इस बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने राज्य में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी और आगे की कार्ययोजना पेश की।

एस. राधा चौहान ने बैठक में बताया कि मिशन कर्मयोगी के तहत आईजीओटी (iGOT) कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उत्तर प्रदेश के 18.8 लाख से अधिक कर्मियों ने ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जो 2025 में देशभर में हुई कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है। राज्य में 10 लाख से अधिक यूजर्स ने कम से कम एक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया है और कुल 72 लाख कोर्स पूरे किए गए हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर 99 प्रतिशत है। यह आंकड़े उत्तर प्रदेश को मिशन के क्रियान्वयन में नंबर-1 राज्य बनाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में एस. राधा चौहान की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के साथ वैश्विक दृष्टिकोण अपनाते हुए सक्षम, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी मानव संसाधन तैयार करना है। सीएम ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम अनिवार्य किया जाए और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू कर पदोन्नति तथा एसीआर से जोड़ा जाए।

बैठक में मिशन के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थिति और विभिन्न विभागों में क्षमता संवर्धन पर गहन चर्चा हुई। सीएम ने विभागों को निर्देश दिए कि जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार कर iGOT पोर्टल पर अपलोड करें। फील्ड स्तर के कर्मियों जैसे एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल और पंचायती राज संस्थाओं के कार्मिकों के लिए व्यावहारिक एवं कार्यात्मक प्रशिक्षण पर विशेष फोकस रहेगा।

मिशन कर्मयोगी के तहत देशभर में केंद्र के 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों के 2.2 करोड़ कार्मिकों और स्थानीय निकायों में 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य है। उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे सुशासन और नागरिक-केंद्रित सेवाएं मजबूत हो रही हैं।