संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने शुक्रवार को वर्ष 2025 की सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित किया। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली इस परीक्षा में रायबरेली जिले के गुरुबख्शगंज क्षेत्र के चांदेमऊ गांव के निवासी विमल कुमार ने ऑल इंडिया 107वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में गर्व और खुशी का माहौल है।
साधारण परिवार से निकलकर बड़ी उपलब्धि
विमल कुमार का परिवार आर्थिक रूप से साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता रामदेव प्रजापति पारंपरिक रूप से मिट्टी के बर्तन बनाकर और मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद विमल ने अपने सपनों को साकार करने का हौसला नहीं छोड़ा और कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।
शिक्षा और तैयारी का सफर
विमल ने अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, रायबरेली से पूरी की। इसके बाद उन्होंने IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया। UPSC की तैयारी उन्होंने लखनऊ में रहकर की। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना महंगी कोचिंग के मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी और नियमित अभ्यास के सहारे यह सफलता प्राप्त की।
चार असफलताओं के बाद मिली कामयाबी
विमल कुमार का कहना है कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता की असली कुंजी है। चार बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। उनकी इस उपलब्धि से प्रजापति समाज, नवोदय विद्यालय परिवार और रायबरेली जिले में खुशी की लहर है। यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, लगन और धैर्य से किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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