चंदौली जिले के मुगलसराय क्षेत्र के महेवा और मेहमदपुर गांवों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली अब चरम पर पहुंच गई है। पिछले पांच वर्षों से टूटी सड़कें, जर्जर नालियां और लगातार जलभराव की समस्या से ग्रामीण बेहाल हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की अनदेखी से आक्रोशित गांववासियों ने अब बड़ा आंदोलन करने और आगामी चुनावों का बहिष्कार करने की चेतावनी दे दी है।
गांवों की बदहाली का हाल:
महेवा और मेहमदपुर गांव नहर से मऊई गांव तक की सड़क और नालियों की जर्जर स्थिति से जूझ रहे हैं। सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके कारण रोजाना बच्चे, बुजुर्ग और वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। नालियों का कोई ठोस निर्माण नहीं होने से पूरे इलाके में गंदा पानी भरा रहता है, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्या सालों से बनी हुई है।
ग्रामीणों की पीड़ा और दैनिक संघर्ष:
महेवा गांव के निवासी महेंद्र प्रसाद सोनकर ने बताया कि खराब सड़क के कारण आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। नंदनी नाम की महिला ग्रामीण ने बताया कि नालियों के गंदे पानी और कीचड़ में फिसलकर वह खुद घायल हो चुकी हैं। बच्चों को स्कूल जाते समय इसी गंदे पानी से गुजरना पड़ता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। मेहमदपुर में तो जलभराव विकराल रूप ले चुका है।
बार-बार शिकायतें, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं:
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जिलाधिकारी, एसडीएम, बीडीओ, ग्राम प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार लिखित शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए हैं। हर बार उन्हें 10-20 दिनों में काम शुरू होने का आश्वासन मिला, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। शिवभजन चौहान ने बताया कि पिछले चार साल से वह नाली निर्माण के लिए लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन हर बार बजट की कमी का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है।
ग्राम प्रधान का आरोप:
मेहमदपुर गांव के ग्राम प्रधान जमुना प्रसाद भारती ने प्रशासन पर साफ अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 5-6 बार जिलाधिकारी को पत्र लिखा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण गंदगी और जलभराव के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों की मांगें:
गांव वासियों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि:
• नहर से मऊई गांव तक पक्की सड़क का तुरंत निर्माण किया जाए
• नालियों का स्थायी और उचित ढंग से निर्माण हो
• जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
आंदोलन और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी:
महेवा ग्राम सभा के शिवपूजन चौहान, बरसाती चौहान, महेंद्र सोनकर, मुंशी चौहान, दूधनाथ समेत कई ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे बड़ा आंदोलन करने और आगामी चुनावों का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रशासन पर उठते सवाल:
यह घटना विकास कार्यों में प्रशासन की प्राथमिकता और संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है। जब बड़े आयोजनों और शहरी क्षेत्रों में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो गांव की मूलभूत समस्याओं के लिए धन क्यों नहीं उपलब्ध होता? ग्रामीण अब इंतजार नहीं करना चाहते और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन को अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सड़क और नाली निर्माण का काम शुरू करना चाहिए, अन्यथा स्थिति और बिगड़ सकती है।











































