इंफाल/उखरुल: मणिपुर के उखरुल जिले में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। मंगलवार रात और बुधवार सुबह उपद्रवियों ने उखरुल सदर इलाके में कम से कम 25 निजी घरों और 4 सरकारी क्वार्टरों को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसा के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अगले 5 दिनों (11 फरवरी तक) के लिए पूरी तरह बंद कर दी गई हैं।
हिंसा का विवरण
उखरुल सदर और आसपास के इलाकों में मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक उपद्रवियों के हमले हुए। समाचार एजेंसियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सशस्त्र समूहों ने कई घरों में आग लगाई, जिससे 25 से अधिक निजी मकान और 4 सरकारी क्वार्टर जलकर खाक हो गए। हमलों में किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन कई लोग घायल हुए हैं। आग लगने के कारण लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह हिंसा जातीय तनाव और पुरानी रंजिश से जुड़ी हो सकती है।
प्रशासनिक कार्रवाई
हिंसा की सूचना मिलते ही उखरुल जिला प्रशासन ने तुरंत कर्फ्यू लगा दिया। कर्फ्यू सुबह 6 बजे से लागू है और फिलहाल अनिश्चितकालीन रहेगा। इसके साथ ही जिले में मोबाइल इंटरनेट, डेटा और ब्रॉडबैंड सेवाएं 5 दिनों (11 फरवरी तक) के लिए पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें और उकसावे वाली सामग्री फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
उखरुल सदर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस और असम राइफल्स बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा बलों ने प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ा दी है।
जिला मजिस्ट्रेट ने सभी स्कूल-कॉलेज और बाजार बंद रखने के आदेश दिए हैं।
आपात स्थिति में लोग केवल आवश्यक सेवाओं (दवा, अस्पताल) के लिए ही बाहर निकल सकते हैं।
पृष्ठभूमि और तनाव
उखरुल जिला मणिपुर के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित है और यहां तांगखुल नागा समुदाय की बहुलता है। पिछले कुछ वर्षों में मणिपुर में जातीय हिंसा (मैतेई बनाम कुकी-जो) के कारण पूरे राज्य में तनाव बना हुआ है। उखरुल में भी समय-समय पर छोटी-मोटी झड़पें और आगजनी की घटनाएं होती रही हैं। हाल की हिंसा को कुछ लोग पुरानी रंजिश और स्थानीय गुटों की आपसी लड़ाई से जोड़ रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने घटना की निंदा की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा बलों को स्थिति नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए हैं। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि वह हिंसा रोकने में नाकाम रही है।
स्थानीय लोगों में दहशत
उखरुल के निवासियों में दहशत का माहौल है। कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। इंटरनेट बंद होने से सूचना का प्रवाह भी प्रभावित हुआ है, जिससे अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। स्थानीय संगठनों ने शांति की अपील की है और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
INPUT-ANANYA MISHRA



















































