फर्रुखाबाद । जनपद के कादरी गेट थाना क्षेत्र के लिंगीगंज इलाके में एक नाबालिग बच्चे की पिटाई को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चल पड़े। इस झड़प में चार लोग घायल हो गए। घायलों को लोहिया अस्पताल ले जाने पर वहां भी दोनों पक्षों के समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया और मामले में कुल छह लोगों को हिरासत में ले लिया है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब शहर कोतवाली के मोहल्ला लिंगीगंज निवासी संतराम के 16 वर्षीय बेटे अंकुर सक्सेना को खटकपुरा निवासी 28 वर्षीय कादिर ने पीट दिया। बेटे की पिटाई से नाराज संतराम देर रात अपने परिवार के सदस्यों के साथ कादिर के पास शिकायत करने पहुंचा।
आरोप है कि इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों ने संतराम और उनके परिजनों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें दौड़ा लिया। विवाद लिंगीगंज अस्पताल के पास पहुंचा, जहां भीड़ ने संतराम पक्ष को घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में संतराम पक्ष ने कादिर को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी।
घायल हुए लोग
इस हिंसक संघर्ष में संतराम, उनका पुत्र अंकुर सक्सेना और चमन गंभीर रूप से घायल हो गए। कादिर को भी चोटें आईं। पुलिस ने घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए लोहिया अस्पताल भेजा।
अस्पताल में बढ़ा तनाव
लोहिया अस्पताल में मामला और गरमा गया। घायल कादिर अपने 15-20 समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंच गया, जिससे दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। तनाव की स्थिति को देखते हुए ड्यूटी डॉक्टरों ने दोनों पक्षों को अलग रखने का प्रयास किया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कपिल कुमार के नेतृत्व में आवास विकास, रोडवेज और पांचाल घाट चौकी से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए स्थिति को तुरंत काबू में कर लिया।पुलिस ने संतराम, चमन, कादिर सहित चार लोगों को हिरासत में लिया। बाद में शांतिभंग की धाराओं में कुल छह लोगों को हिरासत में ले लिया गया। कादिर के डॉक्टरी परीक्षण में उसके शराब के नशे में (35%) होने की पुष्टि भी हुई है।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल पूरे इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आवश्यक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। यह घटना एक बार फिर छोटी-सी बात को लेकर समुदायों में हिंसा भड़कने की संवेदनशीलता को उजागर करती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।











































