वृंदावन: RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया जीवनदीप आश्रम का लोकार्पण, पूर्व प्रचारक संत यतींद्रानंद गिरी का पांचवां आश्रम

वृंदावन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) मंगलवार को वृंदावन पहुंचे और यहां संत महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी द्वारा नवनिर्मित ‘जीवनदीप आश्रम’ का लोकार्पण किया। आश्रम रूक्मणी बिहार इलाके में 24 कमरों वाला है, जहां आध्यात्मिक और वैदिक शिक्षा दी जाएगी। लोकार्पण समारोह में जूना अखाड़ा के अवधेशानंद गिरी, साध्वी ऋतम्भरा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, बिहार के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान समेत कई संत और राजनेता मौजूद रहे।

मोहन भागवत ने लोकार्पण किया जीवनदीप आश्रम का

वृंदावन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने संत महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी द्वारा बनाए गए नवनिर्मित ‘जीवनदीप आश्रम’ का औपचारिक लोकार्पण किया।यह आश्रम वृंदावन के रूक्मणी बिहार इलाके में स्थित है और इसमें कुल 24 कमरे हैं। आश्रम मुख्य रूप से आध्यात्मिक साधना, वैदिक शिक्षा और संत-संस्कृति के संरक्षण के लिए बनाया गया है।

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संत यतींद्रानंद गिरी का पूर्व RSS कनेक्शन

संत महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी संत दीक्षा लेने से पहले RSS के पूर्णकालिक प्रचारक रह चुके हैं। जीवनदीप आश्रम उनका पांचवां आश्रम है, जिसका निर्माण उन्होंने स्वयं कराया है। आश्रम में रहकर साधु-संत और छात्र दोनों आध्यात्मिक तथा वैदिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।

लोकार्पण समारोह में प्रमुख उपस्थिति

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मंच पर मोहन भागवत के अलावा कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें शामिल थे:

  •  जूना अखाड़ा के अवधेशानंद गिरी
  • साध्वी ऋतम्भरा
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव
  • बिहार के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान
  •  अन्य कई संत और राजनेता
  • समारोह में आध्यात्मिक वातावरण के साथ-साथ राष्ट्र-धर्म और सेवा भावना पर भी चर्चा हुई।

मोहन भागवत का संदेश

मोहन भागवत ने आश्रम के लोकार्पण के बाद कहा कि ऐसे आश्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों का प्रसार करते हैं। उन्होंने संत यतींद्रानंद गिरी के प्रयास की सराहना की और कहा कि आध्यात्मिकता और राष्ट्र सेवा एक-दूसरे के पूरक हैं।यह कार्यक्रम वृंदावन में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। आश्रम के लोकार्पण के बाद मोहन भागवत ने स्थानीय संघ कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की।

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