लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश, सरकार ने मुसलमानों को दिए ये 5 आश्वासन

बुधवार दोपहर लोकसभा (LokSabha) में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने वक्फ संशोधन विधेयक पेश (Waqf Amendment Bill) किया। प्रश्नकाल के बाद इस बिल पर चर्चा शुरू हुई, जिसके लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि, विपक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए चर्चा का समय 12 घंटे करने की मांग की।

बिल को लेकर अभूतपूर्व प्रतिक्रिया

सरकार के अनुसार, इस बिल पर अब तक 97,27,772 याचिकाएं प्राप्त हुई हैं, जो किसी भी विधेयक के लिए अब तक की सबसे अधिक संख्या है। इसके अलावा, 284 डेलिगेशन ने विभिन्न कमेटियों के सामने अपनी राय प्रस्तुत की है। सरकार का मानना है कि बिल का सकारात्मक सोच के साथ विरोध करने वाले भी अंततः इसका समर्थन करेंगे।

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सरकार ने मुसलमानों को दिए 5 बड़े भरोसे

  • मस्जिदों पर नहीं होगी कोई कार्रवाई

किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि इस बिल में किसी भी मस्जिद पर कोई कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। यह केवल वक्फ संपत्तियों से संबंधित मामला है और धार्मिक संस्थानों से इसका कोई संबंध नहीं है।

  • धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में कोई हस्तक्षेप नहीं

सरकार ने दोहराया कि इस विधेयक में किसी भी धार्मिक स्थल या मस्जिद की व्यवस्था में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है।

  • धार्मिक गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं

बिल में किसी भी धार्मिक कार्य में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा और न ही मस्जिदों के संचालन में कोई दखल दिया जाएगा। वक्फ बोर्ड कानून के दायरे में कार्य करेगा और इसके विपरीत कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।

  • विवादित संपत्तियों का समाधान वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा

किसी भी सरकारी या विवादित जमीन के मामले को कलेक्टर से ऊपर के अधिकारी देखेंगे। वक्फ संपत्तियां बनाने के लिए आदिवासी क्षेत्रों में जाकर संपत्ति अर्जित नहीं की जा सकेगी।

  • वक्फ काउंसिल में गैर-मुस्लिमों की सीमित संख्या

सरकार ने भरोसा दिया कि वक्फ काउंसिल के कुल 22 सदस्यों में 4 से अधिक गैर-मुसलमान नहीं होंगे। इसमें पूर्व अधिकारी और संसद के 3 सदस्य शामिल होंगे, जो किसी भी धर्म के हो सकते हैं।

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विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार ने दिया जवाब

बिल पेश होने के दौरान विपक्ष ने चर्चा के समय को बढ़ाने की मांग की, वहीं सरकार ने भरोसा दिलाया कि इस विधेयक में मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता और अधिकारों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा।

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