UP: बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट और पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने रविवार को कैंट स्थित परशुराम धाम में दर्शन कर समर्थकों से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर तीखे हमले बोले। अग्निहोत्री ने कहा कि सनातनी और ओबीसी वर्ग का मोहभंग हो चुका है और वे 25 दिनों में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से मशविरा कर नई राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे। उन्होंने मोदी पर देश तोड़ने और ब्राह्मण समाज पर अपमान का आरोप लगाया।
परशुराम धाम में समर्थकों का जोरदार स्वागत
रविवार को बरेली पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने कैंट स्थित परशुराम धाम में मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। समर्थकों ने अग्निहोत्री के इस्तीफे को साहसिक कदम बताते हुए मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। अग्निहोत्री ने कहा कि बीजेपी का कोर वोटर, जिसमें 50% सनातनी और जनरल-ओबीसी वर्ग शामिल था, अब उनसे अलग हो चुका है। यह दौरा उनके राजनीतिक कदमों की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।
नई राष्ट्रीय पार्टी का ऐलान
अलंकार अग्निहोत्री ने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और एक नया विकल्प जरूरी है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से मशविरा शुरू हो गया है और अगले 20 से 25 दिनों में पार्टी का नाम, संविधान और घोषणापत्र तैयार कर चुनाव आयोग को आवेदन कर दिया जाएगा। अग्निहोत्री ने कहा कि नई पार्टी सनातनी और ओबीसी वर्ग के हितों पर केंद्रित होगी, जहां ब्राह्मणों और अन्य वर्गों की भावनाओं का सम्मान होगा।
बीजेपी पर करारा हमला
अग्निहोत्री ने बीजेपी को समाप्त होने की कगार पर खड़ी बताते हुए दावा किया कि पार्टी के 60% पदाधिकारी उनके संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि कल जारी ईमेल आईडी joint.alankar.nyayote@gmail.com पर आए आवेदनों में से ज्यादातर बीजेपी के मौजूदा पदाधिकारी हैं, जो पार्टी छोड़कर उनके साथ जुड़ने को तैयार हैं। अग्निहोत्री ने मोदी सरकार को ‘छद्म सनातनी’ बताते हुए कहा कि ये लोग सिर्फ हिंदू-मुस्लिम भेदभाव और दंगों के डर पर चुनाव जीतते आए हैं, लेकिन अब जनता जाग चुकी है।
SC-ST एक्ट पर मोदी सरकार को घेरा
2018 के सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम महाराष्ट्र राज्य केस का जिक्र करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि बिना जांच के गिरफ्तारी नहीं होगी और अग्रिम जमानत का प्रावधान रहेगा। लेकिन तत्कालीन सरकार ने 85% जनरल और ओबीसी वर्ग की भावनाओं को दरकिनार कर धारा 18A जोड़कर कानून को और कठोर बना दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सनातनों के साथ धोखा किया है और ब्राह्मण समाज की बेटियों की बेइज्जती हो रही है।
रुचि तिवारी और एपस्टीन फाइल्स का जिक्र
देश की बेटी रुचि तिवारी के साथ हुई घटना पर दुख जताते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि वे उससे मिले हैं और पूरा देश उसके साथ है। उन्होंने सरकार पर ‘बांटो और राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित ‘एपस्टीन फाइल्स’ के मुद्दे पर कहा कि विदेश में लोग इस्तीफे दे रहे हैं, लेकिन यहां मीडिया को ब्लैकआउट कर सच छिपाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर मोबाइल और कपड़े तक बदलवाकर मीटिंग्स हो रही हैं, तो दाल में कुछ काला जरूर है।
ब्राह्मण समाज को फटकार
अग्निहोत्री ने अपनी ही बिरादरी के ‘सफेदपोशों’ पर गुस्सा निकाला। उन्होंने कहा कि वे अपने ब्राह्मण सजातीय सफेदपोशों को बोल रहे हैं कि क्या तुममें जरा भी ब्राह्मणत्व नहीं बचा? अगर मुझे कोई इतना बोलता तो मैं इस्तीफा दे देता। तुम लोग ‘कुलकलंक’ और ‘कुलघाती’ हो। तुम्हारी चुप्पी की वजह से ही बेटियों की बेइज्जती हो रही है। एक आदमी भी मजबूती से खड़ा हो जाए, तो स्थितियां बदल सकती हैं।













































