विधायक विरोध में खड़े हुए तो क्या होगा? सपा के बाटी-चोखा कार्यक्रम में अखिलेश यादव का सीएम योगी पर तंज

UP Politics: समाजवादी पार्टी ( Samjwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पार्टी के बाटी-चोखा सहभोज कार्यक्रम की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए कहा कि सपा कार्यकर्ता मिल-जुलकर बैठते हैं, एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और यही पार्टी की संस्कृति है। इसी बहाने उन्होंने बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर भी तंज कसा।

ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के विधायक अभी तो बैठकर खाना खा रहे हैं, लेकिन अगर वही विधायक सरकार के खिलाफ खड़े हो गए तो सरकार का क्या होगा? उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार के अपने विधायक ही विरोध में आ जाएं, तो सत्ता की स्थिति क्या रह जाएगी।

माघ मेले में मूर्ति विवाद पर सरकार पर निशाना

प्रयागराज माघ मेले में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की मूर्ति नहीं लगाए जाने को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमों की आड़ में चापलूसी कर रहे हैं और सवाल उठाया कि चापलूसी किस नियम के तहत हो रही है।

नियम बदले तो भगवानों की मूर्तियां लगाएंगे

अखिलेश यादव ने साफ कहा कि अगर अधिकारी नियम बदल सकते हैं, तो समाजवादी पार्टी भी वहां भगवानों की मूर्तियां लगाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि माघ मेले में केदारेश्वर मंदिर की स्थापना की मांग भी आयोजकों के सामने रखी जाएगी।

एसआईआर प्रक्रिया पर चुनाव आयोग पर सवाल

एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही चार करोड़ वोट कटने की बात कह चुके हैं और अब जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनसे चुनाव आयोग और अधिकारियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि अगर आंकड़ों में अंतर पाया गया, तो चुनाव आयोग को अपनी प्रक्रिया पर पुनर्विचार करना होगा।