ब्रजभूषण राजपूत (या बृजभूषण राजपूत) उत्तर प्रदेश की महोबा जिले की चरखारी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो बार के विधायक हैं। वे बुंदेलखंड क्षेत्र के एक प्रमुख और जनप्रिय नेता माहैंने जाते , जिनकी छवि जोरदार, जमीनी और जनता के साथ सीधे जुड़े रहने वाली है। सोशल मीडिया और मीडिया में उन्हें “आश्रम के बॉबी देओल” कहकर वायरल किया जा रहा है, क्योंकि उनकी शक्ल-सूरत बॉबी देओल की वेब सीरीज आश्रम में उनके किरदार से मिलती-जुलती बताई जाती है—खासकर लंबे बाल, दाढ़ी और मजबूत व्यक्तित्व के कारण। यह उपनाम हाल ही में 30 जनवरी 2026 को हुई घटना के बाद और ज्यादा वायरल हुआ, जब उन्होंने अपनी ही सरकार के मंत्री से सार्वजनिक बहस की।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और परिवार
ब्रजभूषण राजपूत के पिता गंगाचरण राजपूत बुंदेलखंड के चर्चित “लोधी राजपूत” नेता थे। गंगाचरण ने हमीरपुर लोकसभा से जनता दल और कांग्रेस के टिकट पर तीन बार जीत हासिल की और संसद पहुंचे। 2010 में वे राज्यसभा सदस्य भी बने। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन के नायक कल्याण सिंह (जो लोधी राजपूत समाज के एकछत्र नेता माने जाते थे) की पकड़ को चुनौती दी थी, जिस कारण बीजेपी में उन्हें कभी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया गया।
बीजेपी में एंट्री और सफलता: पिता की छत्रछाया में ब्रजभूषण ने बीजेपी जॉइन की। 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार चरखारी से विधायक चुने गए। वे क्षेत्र में जमीनी स्तर पर सक्रिय रहते हैं, जनता की समस्याओं को सीधे उठाते हैं।
हाल की वायरल घटना
30 जनवरी 2026 को महोबा में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कार्यक्रम के दौरान ब्रजभूषण राजपूत ने उनके काफिले को रोका। करीब 100 ग्राम प्रधानों और समर्थकों के साथ उन्होंने जल जीवन मिशन योजना की खामियां गिनाईं—गांवों में पानी नहीं पहुंचना, सड़कों की बदहाल स्थिति (पाइपलाइन बिछाने से खोदी गई सड़कें), और प्रशासनिक लापरवाही। दोनों के बीच सरेआम तीखी नोकझोंक हुई, सुरक्षा कर्मियों में भी बहस हुई। विधायक ने कहा, “काम नहीं किया तो छोड़ेंगे नहीं, यह मोदी जी की योजना है।” बाद में मंत्री उन्हें DM ऑफिस ले गए और बैठक हुई।
यह घटना मीडिया और सोशल मीडिया पर सुर्खियां बनी
कई रिपोर्ट्स में इसे BJP के अंदर असंतोष का संकेत बताया गया, खासकर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले।
विपक्ष (कांग्रेस, सपा) ने तंज कसे—अखिलेश यादव ने “डबल इंजन नहीं, डिब्बे टकरा रहे” जैसा कमेंट किया।
वीडियो वायरल होने से ब्रजभूषण की “जनता के लिए लड़ने वाली” छवि मजबूत हुई, और “आश्रम के बॉबी देओल” वाला मीम ट्रेंड कर रहा है।
व्यक्तित्व और लोकप्रियता
वे व्यवहार कुशल, जनता के बीच रहने वाले और अपनी बात मजबूती से रखने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ है, और वे लोधी-राजपूत समाज में प्रभावशाली हैं। हाल की घटना ने उन्हें और चर्चित बना दिया, जहां लोग उनकी हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं कि बीजेपी जैसी पार्टी में भी मंत्री से खुले आम बहस की।
INPUT-ANANYA MISHRA














































