यूपी ब्यूरोक्रेसी में बदलाव की सुगबुगाहट, नए APC की तलाश तेज!, रेस में सबसे आगे ये नाम

उत्तर प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी के शीर्ष पदों पर जल्द ही बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। अप्रैल के अंत तक कई वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायरमेंट के चलते बड़े प्रशासनिक बदलाव होने की संभावना है। सरकार मुख्य सचिव के बाद दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पद, कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) के लिए नए चेहरे की तलाश में है। साथ ही, कई जिलों में नए डीएम की तैनाती भी संभावित है।

कौन बनेगा यूपी का नया APC?

मौजूदा APC मोनिका एस गर्ग इस महीने सेवानिवृत्त हो रही हैं, जिसके बाद इस पद के लिए नए नामों की चर्चा जोरों पर है। ब्यूरोक्रेसी में यह माना जाता है कि APC और IIDC की कुर्सी मुख्य सचिव पद तक पहुंचने का रास्ता होती है। इसलिए इस पद के लिए दावेदारी काफी अहम मानी जा रही है।

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APC की रेस में 1989 और 1990 बैच के अधिकारी आगे

1989 बैच के प्रमुख दावेदार:

एसपी गोयल: वर्तमान में मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के बाद प्रदेश के दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी।

देवेश चतुर्वेदी: इस समय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत।

अनिल कुमार: वर्तमान में राजस्व परिषद के अध्यक्ष पद पर तैनात।

1990 बैच के संभावित उम्मीदवार:

दीपक कुमार: सबसे मजबूत दावेदार, क्योंकि उनका रिटायरमेंट अक्टूबर 2026 में है।

हिमांशु कुमार: रेस में शामिल, लेकिन उनका रिटायरमेंट अक्टूबर 2024 में होने वाला है।

जितेंद्र कुमार और सुधीर एम बोवड़े: दोनों अधिकारी इसी साल सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

अर्चना अग्रवाल: NCR प्लानिंग बोर्ड में सदस्य सचिव, रिटायरमेंट सितंबर 2026 में है।

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ब्यूरोक्रेसी में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी!

शासन में लंबे समय से एक ही विभाग में तैनात अधिकारियों को जल्द ही हटाया जा सकता है। नियुक्ति विभाग ने इन बदलावों के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। 2016 बैच के कुछ IAS अधिकारियों को जिलाधिकारी (DM) के रूप में तैनाती दी जा सकती है।

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