उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर महिला नेतृत्व का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। राज्य के 12 जिलों की कमान वर्तमान में महिला आईएएस अधिकारियों के हाथ में है। इन महिला कलेक्टरों ने न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि माफियाओं, भू-माफियाओं और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई कर सुशासन की मिसाल पेश की है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, महिला सुरक्षा, शिक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने में इनका योगदान सराहनीय रहा है।
माफियाओं और अवैध गतिविधियों पर प्रहार
इन महिला जिलाधिकारियों ने अवैध खनन, भू-माफिया और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए। लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने माफियाओं पर कसी नकेल लगाई और अवैध खनन पर रोक लगाने में सफलता हासिल की। बुलंदशहर की डीएम श्रुति ने अपराधियों में हड़कंप मचा दिया। बिजनौर की डीएम जसजीत कौर ने कानून-व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की। देवरिया की डीएम दिव्या मित्तल ने अवैध कब्जों पर प्रहार किया। बागपत की डीएम अस्मिता लाल ने भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की। बाँदा की डीएम जे रीभा ने अवैध गतिविधियों पर अभियान चलाया। महोबा की डीएम ग़ज़ल भारद्वाज ने सुशासन की मिसाल पेश की।
योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना
इन महिला अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में विशेष जोर दिया। गोंडा की डीएम प्रियंका निरंजन ने योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया। रायबरेली की डीएम हर्षिता माथुर ने प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाई। गौतमबुद्धनगर की डीएम मेधा रूपम ने विकास कार्यों को नई रफ्तार दी। बस्ती की डीएम कृतिका ज्योत्स्ना ने योजनाओं की मॉनिटरिंग में तेजी लाई। अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स ने जनसुनवाई को प्रभावी बनाया। इन प्रयासों से सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचा और जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा।
महिला सुरक्षा और शिक्षा पर विशेष फोकस
इन महिला कलेक्टरों ने महिला सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्ती बरती, छात्राओं की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए और शिक्षा के प्रसार में योगदान दिया। जनता से सीधा संवाद स्थापित कर शिकायतों का त्वरित समाधान किया। इन प्रयासों से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी और जनता का विश्वास मजबूत हुआ।
महिला नेतृत्व में विकास का परचम
उत्तर प्रदेश में महिला आईएएस अधिकारियों का यह नेतृत्व विकास और सुशासन का नया परचम लहरा रहा है। इन 12 महिला जिलाधिकारियों ने साबित किया है कि कठिन परिस्थितियों में भी निर्णायक और निष्पक्ष नेतृत्व संभव है। माफियाओं पर कार्रवाई से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन तक, इनकी सक्रियता ने प्रशासन में नई ऊर्जा भरी है। जनता इन महिला अधिकारियों की कार्यशैली से प्रभावित है और इन्हें सुशासन की मिसाल मान रही है।
INPUT-R.K.Y











































