उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह (Umashankar Singh) के लखनऊ (lucknow) और बलिया (Ballia) स्थित आवास तथा प्रतिष्ठानों पर अचानक आयकर विभाग (Income-Tax Department) ने छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। वही योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह (Dinesh Pratap Singh) ने इसे संवेदनहीनता का उदाहरण बताया और इसकी निंदा की।
दिनेश प्रताप सिंह का एक्स पोस्ट
श्री उमाशंकर सिंह विद्यायक रसड़ा जनपद बलिया जिनके घर में मेरी बेटी व्याही है के घर में आज आयकर विभाग के द्वारा रेड की जा रही है।
देश प्रदेश के राजनेता आयकर सहित सभी संस्थाओं को पता है कि श्री उमाशंकर सिंह दो वर्ष से अधिक से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे है, वर्तमान… pic.twitter.com/Z3Wl8D3R8S
— Dinesh Pratap Singh (@RBLDineshSingh) February 25, 2026
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उमाशंकर सिंह बीते दो साल से जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं और उनके सभी व्यवसाय लगभग बंद हो गए हैं। वर्तमान में वे अपने लखनऊ स्थित घर में आइसोलेशन में हैं और उन्हें नियमित इलाज की आवश्यकता है। ऐसे समय में आयकर विभाग की कार्रवाई न केवल संवेदनहीन है, बल्कि मानवता के दृष्टिकोण से भी अनुचित मानी जा रही है।
राजनीतिक रिश्तों और व्यक्तिगत आपत्ति
दिनेश प्रताप सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उमाशंकर उनके समधी हैं और उन्हें इलाज के दौरान भी छापे का सामना करना पड़ा। डॉक्टर और नर्सों को उनके घर में आने-जाने से रोका गया, जिससे उनकी देखभाल प्रभावित हुई। मंत्री ने चेताया कि यदि किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी आयकर विभाग जैसी संवेदनहीन संस्था पर होगी।
न्याय और संवेदनशीलता की आवश्यकता
मंत्री ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में कोर्ट अक्सर दया के आधार पर याचिकाओं को स्वीकार करता है और दोषमुक्त कर देता है। इस मुश्किल समय में भी ऐसे संवेदनहीन निर्णय लेने वाले राजनेताओं और संस्थाओं के प्रति नाराजगी व्यक्त की गई। उन्होंने प्रार्थना की कि ऐसे लोगों और संस्थाओं को विवेक और सदबुद्धि प्राप्त हो।



