उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद वरुण गांधी (Varun Gandhi) ने हाल ही में अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से मुलाकात की। इस दौरान उनकी पत्नी और बेटी भी उनके साथ उपस्थित रहीं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीर में वरुण ने लिखा कि प्रधानमंत्री से आर्शीर्वाद और मार्गदर्शन पाना उनके लिए सौभाग्य की बात है और उनके प्रति पितृवत स्नेह और संरक्षण का भाव है।
परिवार सहित श्रद्धेय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से मिलकर उनका आर्शीर्वाद और मार्गदर्शन पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आपके आभामंडल में अद्भुत पितृवत स्नेह और संरक्षण का भाव है।
आपसे हुई भेंट इस विश्वास को और भी दृढ़ बना देती है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक… pic.twitter.com/RPSuJlbsrq
— Varun Gandhi (@varungandhi80) March 17, 2026
पीएम मोदी से मुलाकात ने बढ़ाई अटकलें
वरुण गांधी की यह तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में कयास लगाने शुरू हो गए हैं। माना जा रहा है कि अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में वरुण सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री से ऐसी निजी मुलाकात उनके राजनीतिक कदमों के संकेत भी हो सकते हैं।
Also Read: उत्तर प्रदेश की 3 सीटों पर उपचुनाव 10 अप्रैल के बाद होंगे!
पहले की आलोचनाओं से बढ़ी दिलचस्पी
वरुण गांधी ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कई मौकों पर बीजेपी और केंद्र सरकार की आलोचना की थी। उनके आलोचनात्मक रुख के कारण पहले भी सियासी चर्चा का विषय बने रहे। इस बार प्रधानमंत्री से मुलाकात ने उनके राजनीतिक संभावनाओं पर नई चर्चा को जन्म दिया है।
बीजेपी में मतभेद कब शुरू हुआ ?
वरुण गांधी और बीजेपी नेतृत्व के बीच मतभेद किसान आंदोलन के दौरान शुरू हुए। विशेष रूप से यूपी के लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के मामले में उन्होंने सरकार की खुलकर आलोचना की। माना जाता है कि यहीं से वे पार्टी में धीरे-धीरे अलग-थलग पड़ने लगे।इसके बाद बीजेपी ने उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति से हटा दिया। इस समय कई बार उनके कांग्रेस या सपा में जाने की अटकलें भी लगीं, लेकिन वरुण गांधी ने हमेशा शांत रुख अपनाया।पीलीभीत से उनका टिकट कट जाने के बाद भी उन्होंने कोई बड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी थी।













































