दूसरों की मदद करना महिला को पड़ा भारी, इस्लाम से किया गया बेदखल

बरेली: उत्तर प्रदेश केे बरेली में मजहब के ठेकेदारों को एक महिला द्वारा दूसरों की मदद करना इतना नागवार गुजरा कि उसे उसके मज़हब से ही बेदखल कर दिया. महिला का गुनाह ये था कि वह समाज की पीड़ित महिलाओं की मदद करती थी.

 

दरअसल बरेली की रहने वाली निदा खान मुस्लिम समाज में तीन तलाक, हलाला से पीड़ित महिलाओं की मदद करने का काम करती थी. निदा कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी थी जिसमें सेवा धर्म का काम होता था. निदा के ये सामाजिक काम कट्टपंथी मौलानाओं को नागवार गुजरे और निदा को दरगाह आला हजरत के दारुल इफ्ता से फ़तवे का फरमान सुना दिया गया.

 

क्या है इस फ़तवे में? 

इस दिए गए फ़तवे के अनुसार निदा खान को इस्लामिक रीति- रिवाजों को मानने का कोई अधिकार नहीं है. निदा के बीमार होने पर उसे कोई दवा नहीं दे सकता. निदा के जनाजे में कोई शामिल नहीं हो सकता. कब्रिस्तान में निदा को दफनाने के लिए जमीन नहीं दी जायेगी